सौरव दास और आशुतोष रांका की कब होगी पेशी? CJP के लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने बताई पूरी बात
Saurav-Ashutosh Latest News: CJP के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका की पेशी को लेकर लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने X पर नई जानकारी साझा की है. उनके मुताबिक, दोनों को दोपहर 2 बजे नए स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश किया जाना तय है. इससे पहले जमानत प्रक्रिया, सिक्योरिटी बॉन्ड और SEM को कथित धमकी मिलने के मुद्दे पर सुनवाई अटक गई थी.
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कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के दो सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. एक ओर जहां जमानत के लिए तमाम प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सिक्योरिटी बॉन्ड को लेकर पेंच फंस गया था. फिर स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) को कथित तौर पर धमकी मिलने के बाद रिहाई पर सुनवाई ही पूरी नहीं हो पाई. अब इस मामले में सुनवाई को लेकर CJP की लीगल अफेयर हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर ताजा जानकारी साझा की है. साथ ही उन्होंने सरकार पर निशाना भी साधा है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.
कब होगी सौरव-आशुतोष की पेशी?
रत्ना सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने लिखा कि, 'सौरव और आशुतोष को आज दोपहर 2 बजे नए SEM(स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) के समक्ष पेश किया जाना तय है. उनकी न्यायिक हिरासत आज समाप्त हो रही है.'
उन्होंने पोस्ट में आगे तंज कसते हुए लिखा कि,
'मुझे पूरी उम्मीद है कि अब और देरी नहीं होगी- न तो आईओ (IO) द्वारा घंटों फोन बंद रखना, न ही कोई धमकी भरे संदेश, न शाम 6 बजे सुनवाई, और न ही पेश करने में असमर्थ होने के लिए टायर फटने जैसी कोई बहानेबाजी.
संक्षेप में कहें तो, 'ऊपर से आदेश' जैसा कोई नाटक नहीं होना चाहिए.'
रत्ना सिंह ने पहले भी जताई थी आपत्ति
दरअसल, रविवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी. लेकिन इससे पहले SEM को जान से मारने की कथित धमकी मिली, जिसके बाद मंदिर मार्ग पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था. पुलिस के मुताबिक यह धमकी आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत से जुड़ी सुनवाई के सिलसिले में दी गई थी. हालांकि CJP ने साफ कहा था कि इस धमकी का आशुतोष-सौरव की जमानत से कोई लेना-देना नहीं है.
वहीं रत्ना सिंह ने भी निराशा जताते हुए कहा कि, 12 बजे तक सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी थी, इसके बावजूद हम घंटों का इंतजार करना पड़ा. फिर जब शाम 5 बजे कार्रवाई शुरू हुई तो हमें उम्मीद थी कि आशुतोष-सौरव की रिहाई पर सुनवाई होगी. लेकिन अचानक सरकारी वकील ने धमकी भरे मैसेज का मुद्दा उठा दिया.
ऐसे में रत्ना सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि, अगर किसी ने धमकी दी है, तो उस शख्स के खिलाफ कार्रवाई की जाए, उसका नाम और नंबर आदेश की कॉपी में दर्ज हो. लेकिन इसका आदेश की कॉपी में दर्ज हो. लेकिन इनसे सौरव और आशुतोष की रिहाई का क्या लेना-देना है?
फिलहाल इस मामले में सबकी निगाहें 2 बजे होने वाली पेशी पर टिकी हुई है कि आखिर अब क्या-कुछ होता है.
