दिल्ली के उत्तम नगर तरुण हत्याकांड मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, जिस महिला के ऊपर पानी का गुब्बारा गिरने के हुआ था बवाल, उसे पकड़ा
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुए तरुण बुटोलिया हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं सहित चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें वह महिला भी शामिल है जिस पर पानी का गुब्बारा गिरा था. इस मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

Delhi Uttam Nagar Tarun Butolia Murder Case: देश की राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर में होली के मौके पर हुए तरुण बुटोलिया हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते 3 महिलाओं और एक और पुरुष को अरेस्ट किया गया है. इसके साथ ही मामले में अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. घटना के बाद से तीनों महिलाएं फरार चल रही थीं. इनमें वो महिला भी शामिल है, जिस पर गुब्बारा गिरा था. महिला की पहचान सायरा के रूप में हुई है. आरोप है कि सायरा ने ही अपने परिवार को बुलाया था जिसके बाद झगड़ा शुरू हुआ था.
कौन कौन हुए गिरफ्तार?
दिल्ली पुलिस के ताजा अपडेट के अनुसार, कुल गिरफ्तारियों की संख्या अब 14 हो गई है, जबकि 2 नाबालिगों को भी पकड़ा गया है. हाल ही में गिरफ्तार किए गए लोगों में सायरा, शरीफन, सलमा, सुहैल, समीर चौहान, फिरोज और इस्माइल शामिल हैं. पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि इस हत्याकांड का सच सामने आ सके.
क्या था मामला?
पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि होली की शाम उत्तम नगर में दो अलग-अलग कम्युनिटियों के बीच झगड़ा हो गया था. इसमें 26 साल के तरुण की मौत हो गई थी. मामला एक मामूली गुब्बारा विवाद से शुरू हुआ था. पुलिस की शुरुआती जांच अनुसार हुआ यूं कि एक 9 साल की लड़की ने गलती से छत से पानी का गुब्बारा फेंक दिया था. ये गुब्बारा नीचे के जा रही सायरा को लग गया.
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तरुण के पिता का कहना है कि इसके बाद उन्होंने सायरा से माफी मांग ली. लेकिन इसके बावजूद सायरा घर से अपने घर को लोगों को इकट्ठा कर ले आई और उनपर हमला करना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने ने दरवाजा बंद कर अपनी जान बचाई. पिता के मुताबिक तरुण को इस बारे में कुछ पता नहीं था, वो होली खेलकर घर लौट रहा था, तभी उसे देखकर भीड़ ने उसपर हमला बोल दिया और उसकी जान ले ली.
आरोपियों के अवैध ठिकानों पर चला बुलडोजर
वही प्रशासन ने रविवार को आरोपियों के अवैध घरों पर बुलडोजर चला दिया. एमसीडी का कहना है कि ये घर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके बनाए गए थे. भारी पुलिस सुरक्षा के बीच इन अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया है. MCD की इस कार्रवाई पर दिल्ली AIMIM प्रेसिडेंट शोएब जामई का बयान भी सामने आया है. उन्होंने दिल्ली सरकार भेदभाव रैवाया अपना कर कार्रवाई कर रही है.
मुख्यमंत्री वोट की खातिर एक तरफा कार्रवाइयां कर रही हैं. उन्होंने कहा कि किसी का घर तोड़ने का अधिकार आपको कौन देता है. क्या कोर्ट नहीं है ये सब देखने के लिए, सिर्फ वोट बैंक के लिए दिल्ली का माहौल खराब किया जा रहा है. आपका बुलडोजर मजहब देखकर चलेगा? पहले उत्तर प्रदेश में देखते थे, अब दिल्ली में भी ऐसे होने लगा है.










