Yamuna Pollution: छठ पूजा से ठीक पहले कालिंदी कुंज घाट पर फिर दिखा जहरीला झाग, यमुना की बदहाली पर उठे सवाल
Yamuna Pollution: छठ पूजा से पहले दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट और ओखला बैराज के पास यमुना के पानी पर सफेद झाग की मोटी परतें दिखाई दे रही हैं. घाट पर तैयारियों के बीच नदी की स्थिति ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है. यमुना की सफाई को लेकर किए जा रहे दावों और केमिकल छिड़काव के उपायों पर भी सवाल उठ रहे हैं. जानिए छठ महापर्व से पहले यमुना का क्या हाल है.
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दिल्ली में आने वाले छठ महापर्व से ठीक पहले राजधानी की जीवन रेखा कही जाने वाली यमुना नदी की बदहाली एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. दिल्ली के कालिंदी कुंज घाट और ओखला बैराज के पास यमुना के पानी पर सफेद और जहरीले झाग की मोटी परतें तैरती हुई साफ नजर आ रही हैं. हर साल की तरह इस बार भी छठ पूजा से कुछ हफ्ते पहले यमुना की इस स्थिति ने नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के तमाम दावों और वादों की पोल खोल कर रख दी है. विस्तार से जानिए पूरी बात.
3 से 4 फीट तक ऊंची तैर रही है झाग की परत
कालिंदी कुंज घाट पर स्थिति यह है कि पानी के ऊपर करीब 3 से 4 फीट तक ऊंची झाग की मोटी परतें तैर रही हैं. ओखला बैराज से पानी डिस्चार्ज होकर जब कालिंदी कुंज की तरफ पहुंचता है, तो यहां नदी की सतह पूरी तरह जहरीले झाग से ढकी नजर आती है. स्थानीय स्तर पर हालांकि छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और घाट पर टेंट आदि लगाए जाने लगे हैं, लेकिन नदी के पानी का यह हाल श्रद्धालुओं के लिए चिंता का बड़ा विषय बन गया है कि वे पर्व के दौरान इस पानी में कैसे अर्घ्य देंगे.
दावों के बावजूद धरातल पर नजर नहीं आ रहा असर
दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर वर्षों से राजनीति और बयानबाजी का दौर जारी है. पिछले वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान भी यमुना को साफ करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, और अब दिल्ली में भाजपा की सरकार आने के बाद भी लगातार यमुना को निर्मल बनाने की बात कही जा रही है. नई सरकार के तहत नालों के पानी को ट्रीट करके गिराने और यमुना को बेहतर करने की योजनाओं का जिक्र किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है. हालांकि, यमुना घाटों की सफाई के लिए रविवार को विशेष महा अभियान चलाए जा रहे हैं और नेता-कार्यकर्ता सक्रिय नजर आ रहे हैं, लेकिन कालिंदी कुंज की ये तस्वीरें व्यवस्था के दावों की सच्चाई बयां करने के लिए काफी हैं.
केमिकल छिड़काव और राजनीति
बीते कुछ सालों से छठ पूजा के दौरान यमुना के झाग को दबाने या खत्म करने के लिए पानी में केमिकल का छिड़काव करने का तरीका अपनाया जाता रहा है. इसको लेकर भी राजनीतिक दलों के बीच जमकर बयानबाजी होती है. एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इसे पानी को बेहतर करने का सुरक्षित उपाय बताता है, वहीं विरोधी इसे खतरनाक और नाकाफी बताते हैं. बहरहाल, ओखला और कालिंदी कुंज के छोर पर आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और छठ महापर्व से पहले यमुना की यह बदहाली प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
