'सेहरा बंधने से पहले तिरंगे में लिपटा बेटा'! शहीद स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
Anuj Vashisht martyr: हरियाणा के रोहतक जिले के ककराना गांव के वीर सपूत स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ को पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां आज मातम का माहौल है, लेकिन परिवार को अपने बेटे की शहादत पर गर्व है. जानिए पूरे मामले की कहानी.

असम में सुखोई-30 MKI विमान हादसे में शहीद हुए हरियाणा के वीर सपूत स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव ककराना (रोहतक) पहुंचा. तिरंगे में लिपटे वीर योद्धा को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान माहौल उस वक्त बेहद गमगीन हो गया जब वायुसेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और शहीद अमर रहे के नारों से आसमान गूंज उठा. जिस घर में कुछ ही दिनों बाद अनुज की शादी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां आज मातम पसरा हुआ है, लेकिन परिवार की आंखों में आंसू के साथ अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व भी साफ झलक रहा था.
असम में हुआ था विमान हादसा
स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ बीते गुरुवार को असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर जेट लेकर नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर निकले थे. शाम करीब 7:42 बजे विमान का रडार से संपर्क टूट गया और वह करबी आंगलोंग जिले के पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुखद हादसे में अनुज वशिष्ठ और उनके साथी फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गोकर शहीद हो गए.
शादी की चल रही थीं तैयारियां, मातम में बदलीं खुशियां
अनुज वशिष्ठ मूल रूप से रोहतक के गांव ककराना के रहने वाले थे, जबकि उनका परिवार फिलहाल गुरुग्राम के सेक्टर-22 में रहता है. उनके पिता आनंद वशिष्ठ भी भारतीय सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. परिजनों ने बताया कि अनुज की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस बेटे के सिर पर सेहरा बांधने का सपना पिता देख रहे थे, उसे आज तिरंगे में लिपटा देख हर किसी की आंखें भर आईं.
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'बेटे ने आखिरी मुकाम पा लिया'
अंतिम संस्कार के दौरान शहीद के पिता आनंद वशिष्ठ ने बेहद साहस और गर्व के साथ कहा, 'मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है. इतनी छोटी सी उम्र में उसमें देश के लिए इतना जज्बा था. उसने जो मुकाम हासिल करना था, वो आज पा लिया है. उसने देश का नाम रोशन किया है'. उनके इन शब्दों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया.
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरा इलाका 'वंदे मातरम' और 'शहीद अनुज अमर रहे' के नारों से गूंज उठा. वायुसेना के जवानों ने उन्हें शस्त्र सलामी दी और गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया. शहीद के छोटे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी.
अंतिम संस्कार में रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा और हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा भी शामिल हुए. दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अनुज की शहादत ने हरियाणा का नाम बहुत ऊंचा किया है और पूरा देश आज इस वीर सपूत के बलिदान पर नमन कर रहा है. वहीं, मंत्री अरविंद शर्मा ने मुख्यमंत्री की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरी सरकार परिवार के साथ खड़ी है.










