फरीदाबाद: महीनों से खड़ी एंबुलेंस पी गईं 50 लाख का डीजल! मेंटेनेंस और फ्यूल के नाम पर सामने आया बड़ा खेल
हरियाणा के फरीदाबाद सिविल अस्पताल में एक बड़ा एंबुलेंस घोटाला सामने आया है, जहां कई महीनों से ऑफ-रोड खड़ी एंबुलेंस के नाम पर 50 लाख रुपये का डीजल डलवा लिया गया. इस मामले के खुलासे के बाद राजनीतिक दलों ने सरकार को घेरा है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी है.
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Faridabad Ambulance Scam: हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी को भी अपनी आंखों पर यकीन न हो. जरा सोचकर देखिए कि अगर कोई सरकारी गाड़ी अपनी जगह से एक इंच भी न हिले और कागजों में दौड़ते-दौड़ते 50 लाख रुपये का डीजल पी जाए, तो इसे क्या कहेंगे. फरीदाबाद के सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने इस असंभव लगने वाले काम को संभव कर दिखाया है, जहां कई महीनों से ऑफ-रोड खड़ी एंबुलेंस के नाम पर लाखों रुपये का ईंधन डलवाकर बड़ा घोटाला कर दिया गया.
चार एंबुलेंस जो एक इंच नहीं हिलीं, पर निकलता रहा फ्यूल बिल
मिली जानकारी के मुताबिक, फरीदाबाद सिविल अस्पताल के पास कुल 21 एंबुलेंस का फ्लीट है, जिसमें से 10 एंबुलेंस आधिकारिक तौर पर ऑफ-रोड (कंडम या खराब) हैं. इन्हीं ऑफ-रोड एंबुलेंस के रिकॉर्ड में भारी हेराफेरी की गई. इनमें से चार ऐसी एंबुलेंस थीं जो लंबे समय से अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई थीं, लेकिन उनके फ्यूल कार्ड के जरिए लगातार डीजल के बिल जनरेट किए जा रहे थे. जब पंचकूला स्थित स्वास्थ्य विभाग ने फ्यूल कार्ड के जरिए हुए लेनदेन की जांच की, तो इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. एक एंबुलेंस (नंबर HR 38 GV 3491) का उदाहरण सामने आया है, जिसके 60 लीटर के टैंक की कैपेसिटी है और उसे कागजों में रोजाना धड़ल्ले से दौड़ते हुए दिखाया गया, जबकि वास्तव में उसके टायर तक खराब हो चुके थे और वह एक मरीज को भी नहीं ढो रही थी.
विपक्ष के निशाने पर आई सरकार, दुष्यंत चौटाला और पवन खेड़ा ने बोला हमला
इस सनसनीखेज घोटाले के खुलासे के बाद हरियाणा की राजनीति गरमा गई है और विपक्षी दलों ने नायब सिंह सरकार पर जोरदार हमला बोल दिया है. जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, "नायब सरकार में देखो अजब-गजब सा खेल, खड़ी गाड़ियां पीने लग रही 50 लाख का तेल." वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी प्रधानमंत्री मोदी और सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बीजेपी के चमत्कार अपरंपार हैं, जहां महीनों से एक ही जगह खड़ी एंबुलेंस 50 लाख का डीजल पी गईं.
स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश, पांच दिन में मांगी रिपोर्ट
विपक्ष के तीखे हमलों और बढ़ते दबाव के बाद आखिरकार प्रशासन की नींद टूटी है. नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए फरीदाबाद का दौरा किया और मीडिया से बातचीत में बताया कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने पांच दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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