गुरुग्राम में बिजली संकट से हाहाकार! 50 हजार घरों की बत्ती गुल, 1,800 फैक्ट्रियों में काम ठप.
गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है. करीब 98 फीसदी कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे. ओल्ड गुरुग्राम में 50 हजार से ज्यादा घर प्रभावित हैं. सेक्टर-37 और कादीपुर की 1,800 फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप है. बिजली कटौती से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है.
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गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से आम लोगों से लेकर उद्योगों तक की परेशानी बढ़ गई है. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के करीब 98 फीसदी अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. इसके चलते ओल्ड गुरुग्राम के 50 हजार से ज्यादा घरों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है. वहीं, सेक्टर-37 और कादीपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 1,800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का उत्पादन ठप हो गया है.
बिजली कर्मचारियों की यह हड़ताल हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) की ओर से एक निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में हो रही है. कर्मचारियों के काम छोड़कर सड़कों पर उतरने से बिजली व्यवस्था संभालना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
ओल्ड गुरुग्राम में 50 हजार से ज्यादा घरों की बिजली गुल
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर ओल्ड गुरुग्राम में देखने को मिल रहा है. यहां सर्कल-1 और सर्कल-2 में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे. जानकारी के मुताबिक, सर्कल-1 में कुल 826 कर्मचारियों में से 816 हड़ताल पर रहे. वहीं, सर्कल-2 में 557 कर्मचारियों में से 540 कर्मचारी काम से नदारद रहे.
कर्मचारियों की कमी के कारण बिजली आपूर्ति में आने वाले फॉल्ट को ठीक करने में परेशानी हो रही है. शहर के करीब 50 इलाके प्रभावित बताए जा रहे हैं. कई जगहों पर बिजली गुल होने से लोगों को 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बिजली विभाग के सामने फॉल्ट ठीक करने की चुनौती
बिजली विभाग के एसई श्यामवीर सैनी ने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान बताया कि सर्कल-1 के कई इलाकों में पिछली रात से बिजली की भारी किल्लत बनी हुई है. इसकी बड़ी वजह लगातार बढ़ रहे फॉल्ट और कर्मचारियों की हड़ताल है.
श्यामवीर सैनी के मुताबिक, विभाग के सभी प्रशिक्षित कर्मचारी हड़ताल पर हैं. ऐसे में अप्रशिक्षित कर्मचारियों के भरोसे बिजली के फॉल्ट ठीक करना मुश्किल हो रहा है. कर्मचारियों की कमी के कारण बिजली व्यवस्था को सामान्य करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है.
बिजली संकट से पानी की सप्लाई भी प्रभावित
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है. बूस्टिंग स्टेशनों पर बिजली नहीं होने से पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है. कई इलाकों में लोगों को घरों में पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है.
बिजली लंबे समय तक बंद रहने से घरों के इन्वर्टर भी जवाब देने लगे हैं. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है. कई इलाकों में रात 12 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें सामने आई हैं, जबकि कुछ जगहों पर 24 घंटे से ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है.
1,800 फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित
गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली संकट का असर देखने को मिल रहा है. सेक्टर-37 और कादीपुर में करीब 1,800 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
फैक्ट्रियों में बिजली नहीं होने के कारण काम रोकना पड़ा. वहीं, डीजल जनरेटर की सीमित क्षमता और जीआरएपी (GRAP) के तहत डीजी सेट पर लगे प्रतिबंधों के चलते उद्योगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया. इससे औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ा और कंपनियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
सड़क पर उतरे लोग, दो घंटे बाद फिर गुल हुई बिजली
बिजली संकट से परेशान लोगों ने पिछली रात सड़कों पर उतरकर जाम भी लगाया. इसके बाद कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन लोगों को ज्यादा देर राहत नहीं मिली. करीब दो घंटे बाद रात 12 बजे फिर से बिजली गुल हो गई.
लगातार बिजली कटौती से लोगों को बिजली और पानी दोनों की समस्या झेलनी पड़ रही है. वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल के बीच फॉल्ट ठीक करने और आपूर्ति बहाल करने का काम विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है.
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