फरीदाबाद में टेक महिंद्रा के पूर्व एशिया हेड परमजीत धनखड़ की गोली मारकर हत्या, पार्किंग को लेकर पड़ोसी से हुआ था विवाद, जानिए कौन थे वे

Faridabad Paramjit Dhankhar Murder Case: फरीदाबाद में टेक महिंद्रा के पूर्व एशिया हेड परमजीत धनखड़ की उनके पड़ोसी ने गोली मारकर हत्या कर दी. परमजीत करीब 20 साल तक टेक महिंद्रा में काम कर चुके थे और फिलहाल सिंगापुर की MNS कंपनी में कार्यरत थे. भांजे की शादी में शामिल होने भारत आए परमजीत की जान पार्किंग और कुत्ते को लेकर हुए पुराने विवाद के बीच चली गई. आखिर कैसे मामूली कहासुनी ने खूनी रूप ले लिया?

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टेक महिंद्रा के एशिया हेड की फरीदाबाद में गोलियां मारकर हत्या
टेक महिंद्रा के एशिया हेड की फरीदाबाद में गोलियां मारकर हत्या
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Paramjit Dhankhar Murder Case: हरियाणा के फरीदाबाद में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है. बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी टेक महिंद्रा के एशिया हेड परमजीत धनखड़ की उनके ही पड़ोसी ने सरेआम ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी. भांजे की शादी की खुशियों के बीच सिंगापुर से लौटे कॉर्पोरेट लीडर की महज पार्किंग और कुत्ते को टहलाने जैसी मामूली बात पर हुई बहस के बाद जान चली गई.

कौन थे परमजीत धनखड़?

मूल रूप से हरियाणा के हिसार के रहने वाले परमजीत धनखड़ कॉर्पोरेट जगत से जुड़े एक अनुभवी प्रोफेशनल थे. उन्होंने करीब 20 साल तक टेक महिंद्रा में काम किया और इस दौरान एशिया हेड के पद पर भी रहे. फिलहाल वह सिंगापुर की MNS कंपनी में कार्यरत थे और काम के सिलसिले में ज्यादातर समय वहीं रहते थे. उनका परिवार फरीदाबाद के सेक्टर-21C स्थित बिल्डिंग नंबर-641 की पहली मंजिल पर रहता है. परमजीत 5 नवंबर को अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए सिंगापुर से भारत लौटे थे. शादी 24 नवंबर को होनी थी. भारत आने के बाद उन्होंने फरीदाबाद में ही एक जिम भी जॉइन किया था.

पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद

शुक्रवार की रात करीब 8 बजे परमजीत धनखड़ अपने जिम से वर्कआउट करके वापस लौटे थे. बिल्डिंग की पार्किंग में परमजीत के लिए जो जगह अलॉट थी, वहां तीसरी मंजिल पर रहने वाले पड़ोसी मोहन उर्फ मोनू शर्मा की गाड़ी खड़ी थी. जब परमजीत ने मोनू से अपनी गाड़ी वहां से हटाने को कहा, तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते यह मामूली कहासुनी एक बेहद हिंसक और भयानक मोड़ पर पहुंच गई.

15 राउंड अंधाधुंध फायरिंग, 9 गोलियां लगने से मौके पर ही मौत

विवाद बढ़ते ही आरोपी मोनू शर्मा अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल लाया और उसने परमजीत पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं. पुलिस जांच और मौके के हालात के मुताबिक आरोपी ने करीब 14 से 15 राउंड अंधाधुंध फायरिंग की. इस खूनी हमले में परमजीत को करीब 8 से 9 गोलियां लगीं. गोलियां लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक खून बहने की वजह से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

कुत्ते को पॉटी कराने से लेकर पुरानी रंजिश का खुलासा

सूरजकुंड थाना पुलिस और स्थानीय जांच अधिकारियों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था. विवाद की एक बड़ी वजह आरोपी मोनू शर्मा का बेटा भी था, जो पार्किंग में अपने डॉग (कुत्ते) को पॉटी कराता था. परमजीत का परिवार इस बात का अक्सर विरोध करता था. वारदात से महज पांच दिन पहले भी आरोपी ने परमजीत के बेटे के साथ कुत्ते को लेकर गाली-गलौज की थी. पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में पहले भी कई बार कहासुनी हुई थी, लेकिन बाद में समझौता हो जाता था.

आरोपी परिवार समेत फरार, पुलिस जांच में जुटीं

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोनू शर्मा अपने पूरे परिवार के साथ मौके से फरार हो गया है. घटना की सूचना मिलते ही सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रह्लाद कुमार, पुलिस टीम, एफएसएल और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह सील कर वहां से खाली कारतूसों के खोल बरामद किए हैं.

सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रह्लाद कुमार ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस आयुक्त (सीपी) के निर्देशों पर आरोपी को दबोचने के लिए क्राइम ब्रांच और पुलिस की 6 से 7 अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं. परमजीत के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और पुलिस हर पहलू से मामले की गहराई से जांच कर रही है.

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