कभी घर बेचा, 2 साल की उम्र में पोलियो, 28 में नौकरी गई...अब महेंद्रगढ़ की शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास
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2 साल की उम्र में पोलियो का शिकार हुईं हरियाणा की शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा शॉटपुट (F57) स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है. घरेलू प्रताड़ना, नौकरी छूटने और खेल के लिए घर तक बेचने जैसी बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद शर्मिला ने हार नहीं मानी और देश का मान बढ़ाया.
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव छितरौली की रहने वाली शर्मिला धनखड़ ने विपरीत परिस्थितियों और कड़े संघर्ष के बाद इतिहास रच दिया है. शर्मिला ने कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा शॉटपुट (F57 स्पर्धा) में 9.81 मीटर का थ्रो कर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता है. उनका यह सफर साधारण नहीं रहा, बल्कि यह कहानी संघर्ष, साहस और अटूट आत्मविश्वास की है.
