बैतूल में 12वीं का टॉपर बेटा बना 'दैत्य', मां-बाप और भाई को उतारा मौत के घाट; लाशों के पास बैठकर हंसता रहा कातिल
Betul triple murder case: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सावंगा गांव में 12वीं का टॉपर दीपक ध्रुवे ने मानसिक अस्थिरता के चलते मां, पिता और छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी. आर्मी में मेडिकल रिजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, खुद को ‘दैत्य’ बताने का दावा और वारदात के बाद लाशों के पास बैठकर हंसने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. जानें पूरे केस की कहानी.

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. सावंगा गांव में एक होनहार युवक, जो कभी अपने स्कूल का टॉपर था, अचानक हैवान बन गया. उसने न केवल अपने छोटे भाई की जान ली, बल्कि बीच-बचाव करने आए अपने माता-पिता को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. दिल दहला देने वाली बात यह है कि वारदात के बाद आरोपी घंटों तक लाशों के पास ही बैठा रहा और पुलिस के सामने मुस्कुराता रहा.
आर्मी में रिजेक्शन के बाद बिगड़ी मानसिक हालत
आरोपी की पहचान दीपक ध्रुवे के रूप में हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक, दीपक 12वीं कक्षा में अपने गांव का टॉपर था और सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहता था. हालांकि, पैरों में कुछ समस्या होने के कारण वह मेडिकल अनफिट हो गया और उसका चयन नहीं हो सका. इसके बाद से ही वह मानसिक रूप से बीमार रहने लगा. परिजनों ने झाड़-फूंक से लेकर नागौर में इलाज तक सब आजमाया, लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ती गई. वह अक्सर खुद को 'दैत्य' कहता था.
कैसे हुई यह सनसनीखेज वारदात?
यह खूनी खेल 19 फरवरी की रात करीब 8 बजे शुरू हुआ. पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, दीपक का सबसे पहले अपने छोटे भाई दिलीप से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दीपक ने डंडे से दिलीप पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. छोटे बेटे को बचाने के लिए जब पिता बीच में आए और दिलीप के ऊपर लेटकर उसे ढाल बनाने की कोशिश की, तो सनकी दीपक ने उन पर भी रहम नहीं किया. इसके बाद जब मां अपने पति और बेटे को बचाने दौड़ी, तो कातिल बेटे ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया. इस दौरान उसने घर में पाली हुई बिल्ली को भी मार डाला.
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6 साल का मासूम बच्चा बना चश्मदीद
वारदात के समय घर में एक 6 साल का बच्चा भी मौजूद था, जो डर के मारे छिप गया था।. उसने पुलिस को बताया कि बड़े मामा (दीपक) ने पहले मोबाइल तोड़ा और फिर छोटे मामा को मारना शुरू किया. दीपक ने उस बच्चे को भी पैर से दबाने की कोशिश की थी, लेकिन वह किसी तरह बच गया. पुलिस जब अगले दिन दोपहर 2 बजे पहुंची, तो घर के भीतर का नजारा देख दंग रह गई.
पुलिस की कार्रवाई और ग्वालियर जेल में इलाज
बैतूल पुलिस ने आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के वक्त वह बिल्कुल शांत था और मुस्कुरा रहा था. उसे अपनी करनी पर कोई पछतावा नहीं दिख रहा था. पुलिस ने बताया कि उसकी गंभीर मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे ग्वालियर के आरोग्य केंद्र (मानसिक चिकित्सालय) भेजा गया है. वहां उसे जेल के विशेष सेल में कड़ी निगरानी में रखा जाएगा.










