बेटे को परिवार के करीब लाने के लिए मां ने गंवाए 1 करोड़ रुपये, तंत्र-मंत्र के नाम पर ऐसे फंसाया पूरा परिवार
भोपाल में बेटे को परिवार के करीब लाने और उसे वश में करने के नाम पर एक महिला से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी हुई. आरोपियों ने तंत्र-मंत्र और गृहशांति के बहाने 625 ग्राम सोना, आधा किलो चांदी और लाखों रुपये हड़प लिए. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बेटे को परिवार के करीब लाने की चाहत एक मां को भारी पड़ गई. बेटे को अपने वश में करने और घर की परेशानियां दूर करने का दावा करने वाले कथित तांत्रिकों ने परिवार से करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति हड़प ली. इसमें 625 ग्राम सोना, आधा किलो चांदी और लाखों रुपये की नकदी शामिल है.
मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ठगी का यह खेल किसी अनजान व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिचितों के जरिए शुरू किया था. आरोपियों ने पहले परिवार का भरोसा जीता. फिर गृहशांति और तंत्र-मंत्र के नाम पर धीरे-धीरे रुपये और जेवर लेने शुरू कर दिए. अब भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जबकि मुख्य आरोपी बताए जा रहे मुकेश यादव की तलाश जारी है.
बेटे को परिवार के करीब लाने का दिया भरोसा
यह मामला भोपाल के साकेत नगर का है. यहां रहने वाले पुरुषोत्तम शर्मा ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा की पहचान गौरी सिंह के जरिए आशा यादव से हुई थी.
आशा ने अपने भाई मुकेश यादव को तंत्र-मंत्र करने वाला बताया. उसने परिवार की परेशानियां दूर करने और गृहशांति कराने का भरोसा दिया. उस समय पुरुषोत्तम शर्मा का बेटा विवेक परिवार से अलग रह रहा था. राजेश्वरी चाहती थीं कि उनका बेटा फिर से परिवार के साथ रहने लगे.
आरोप है कि इसी बात को आधार बनाकर आशा और उसके साथियों ने महिला को अपने जाल में फंसाया. उन्होंने तंत्र-मंत्र के जरिए बेटे को वश में करने और परिवार को फिर से एकजुट करने का दावा किया. महिला उनकी बातों पर भरोसा करती चली गई और घर की जमा पूंजी आरोपियों को सौंपने लगी.
फोन-पे से पैसे भेजे, घर से नकदी और सोने के जेवर भी दिए
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों को पैसे देने का सिलसिला 25 मई 2025 से शुरू हुआ. सबसे पहले आशा यादव के खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए. इसके बाद अलग-अलग किस्तों में फोन-पे के जरिए करीब 7 लाख 16 हजार रुपये भेजे गए.
आरोपियों ने सिर्फ ऑनलाइन पैसे ही नहीं लिए. घर में रखी करीब 12 लाख 54 हजार रुपये की नकदी भी उन्हें सौंप दी गई. इसके अलावा राजेश्वरी शर्मा से करीब 625 ग्राम सोने के जेवर और 500 ग्राम चांदी भी ले ली गई.
इस तरह गृहशांति और तंत्र-मंत्र के नाम पर परिवार की बड़ी संपत्ति आरोपियों के पास पहुंच गई. परिवार को लंबे समय तक इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि उनके साथ ठगी हो रही है.
ज्वेलर्स के एक फोन से खुला पूरा मामला
इस ठगी का खुलासा 29 सितंबर 2026 को हुआ. उस दिन बिट्टन मार्केट स्थित जेपी ज्वेलर्स के संचालक राम पंजवानी ने पुरुषोत्तम शर्मा को फोन किया.
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा, आशा यादव के साथ दुकान पर आई थीं. दुकानदार के मुताबिक, आशा ने करीब पांच महीने पहले दुकान से लगभग 17 लाख रुपये का सोना खरीदा था. इसके लिए पांच लाख रुपये नकद दिए गए थे. बाकी रकम का भुगतान चेक से होना था, लेकिन चेक बैंक में क्लियर नहीं हुआ.
दुकानदार ने इस बारे में पहले भी राजेश्वरी को संदेश भेजे थे. बाद में जब पुरुषोत्तम शर्मा ने पत्नी से इस खरीदारी के बारे में पूछा तो पूरा मामला सामने आया. इसके बाद परिवार को पता चला कि तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर उनसे बड़ी रकम और जेवर लिए जा चुके हैं.
10 करोड़ रुपये के चेक और छह एटीएम जैसे कार्ड भी मिले
शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए. इसमें पुरुषोत्तम शर्मा, उनकी पत्नी और दोनों बेटों से पूछताछ की गई.
जांच के दौरान राजेश्वरी शर्मा ने पुलिस को करीब 10 करोड़ रुपये के आठ चेक, एक खाली चेक और छह अलग-अलग एटीएम जैसे कार्ड सौंपे. पुलिस ने इन सभी को जब्त कर लिया.
जांच में आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की भूमिका सामने आई. इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया.
जेवर गिरवी रखकर लिया गोल्ड लोन
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने परिवार से लिए गए कुछ सोने के जेवर बैंकों में गिरवी रख दिए थे. इन जेवरों के बदले गोल्ड लोन लिया गया.
इस मामले में आशा यादव के पति हरीश कुमार और उसके साथी श्यान की भूमिका भी सामने आई. पुलिस ने संबंधित बैंकों में कार्रवाई करते हुए गिरवी रखे गए जेवरों को फ्रीज कराया है. इसका मकसद जेवरों को आगे बेचने या दूसरी जगह ट्रांसफर होने से रोकना है. वहीं, आशा यादव की निशानदेही पर पुलिस ने 11 ग्राम सोना भी बरामद किया है. बाकी संपत्ति का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है.
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुकेश यादव की तलाश जारी
भोपाल क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर जितेंद्र गढ़वाल के मुताबिक, पुरुषोत्तम शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें आशा यादव, उसका पति हरीश कुमार और उनका साथी श्यान शामिल हैं.
इस मामले में आशा का भाई मुकेश यादव अभी फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि ठगी की रकम और जेवर कहां रखे गए हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में इनके अलावा और कौन लोग शामिल थे.
फिलहाल, एक मां की अपने बेटे को परिवार के करीब लाने की चाहत का फायदा उठाकर की गई इस ठगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि परिवार की जिंदगीभर की कमाई में से कितनी संपत्ति वापस मिल सकती है.
