आईएएस पति को छोड़ 20 साल बड़े कांग्रेसी नेता से की थी शादी, अब सड़क पर आई सिखा सिंह, बयां कर रही दर्दनाक दास्तां

Mahendra Singh Chauhan controversy: भोपाल में एक पारिवारिक विवाद ने सियासी रंग ले लिया है. कांग्रेस नेता डॉ. महेंद्र सिंह चौहान पर उनकी पत्नी सिखा सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं. सिखा का कहना है कि उन्हें घर से बेदखल किया गया, उनसे 2 करोड़ रुपये की मांग की गई और फर्जी हस्ताक्षर के जरिए संपत्ति व एनजीओ से जुड़े मामलों में हेरफेर की कोशिश हुई. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.

Mahendra Singh Chauhan controversy
Mahendra Singh Chauhan controversy
social share
google news

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा पारिवारिक विवाद सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है. एक समय में चर्चित बैंक कर्मी रहीं सिखा सिंह, जिन्होंने अपने आईएएस (IAS) पति को छोड़कर खुद से 20 साल बड़े कांग्रेस नेता डॉ. महेंद्र सिंह चौहान से प्रेम विवाह किया था, आज न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं. सिखा सिंह का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है और अब वह सड़कों पर रहने को मजबूर हैं.

19 साल की गृहस्थी और अब घर पर ताला

सिखा सिंह और डॉ. महेंद्र सिंह चौहान की शादी को करीब 19-20 साल हो चुके हैं. डॉ. महेंद्र सिंह चौहान कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं और 2018 में बुधनी विधानसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं. सिखा सिंह का आरोप है कि महेंद्र सिंह ने उन्हें उनके ही घर से बेदखल कर दिया है. फिलहाल घर पर ताला लटका हुआ है और सिखा सिंह सड़कों पर रहकर अपनी गृहस्थी बचाने की गुहार लगा रही हैं.

संपत्ति और 2 करोड़ की मांग का आरोप

एमपी तक से बातचीत में सिखा सिंह ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे महेंद्र सिंह चौहान उन पर अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा लेने का दबाव बनाने लगे. सिखा का दावा है कि उनके पति ने उनसे 2 करोड़ रुपये, कार और पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगा. सिखा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने जाली हस्ताक्षर (Forged Signatures) के जरिए उनके पारिवारिक एनजीओ और अन्य संपत्तियों को हड़पने की कोशिश की है.

यह भी पढ़ें...

'बरगलाकर करवाया था पहले पति से तलाक'

सिखा सिंह ने अपनी पुरानी जिंदगी का जिक्र करते हुए बताया कि महेंद्र सिंह चौहान ने उन्हें इस तरह से बरगलाया और फुसलाया कि उन्हें अपने पहले पति (जो एक आईएएस अधिकारी थे) गलत लगने लगे. उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह ने खुद का भी तलाक कराया और सिखा का भी, जिसके बाद दोनों ने शादी कर ली. सिखा ने बीजेपी नेता विश्वास सारंग का धन्यवाद करते हुए कहा कि एक समय जब वह होम इम्प्रिजनमेंट जैसी स्थिति में थीं, तब सारंग द्वारा बंटवाए गए एक पर्चे की वजह से वह घर से बाहर निकल पाईं और अपनी नौकरी बचा सकीं.

मोहन यादव सरकार से गुहार: 'सिर्फ पुरुषों को न मिले सरकारी आवास'

सिखा सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा, 'अगर यह प्रदेश लाड़ली बहनों का है, तो मैं भी इस प्रदेश की बेटी हूं. मेरी गुहार है कि जब भी सरकारी आवास अलॉट किया जाए, तो वह केवल पति के नाम पर न हो, बल्कि पत्नी का नाम भी उसमें शामिल हो.' उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह उन्हें यह कहकर घर से बाहर निकाल देते हैं कि यह सरकारी आवास उनके नाम पर अलॉट है और सिखा वहां नहीं रह सकतीं.

एनजीओ में फ्रॉड और जाली सिग्नेचर का दावा

सिखा सिंह ने भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह चौहान 'राजधानी समिति' और 'जवाहरलाल यूथ वेलफेयर सेंटर' जैसे एनजीओ के जरिए सरकारी अनुदान का दुरुपयोग कर रहे हैं. सिखा का दावा है कि 22 दिसंबर 2025 को उनके फर्जी हस्ताक्षर कर एनजीओ के पदाधिकारी बदल दिए गए. उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनके पैन कार्ड और हस्ताक्षरों का मिलान कराया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके.

पति का पक्ष: '15 साल से हो रहा है ब्लैकमेल'

दूसरी तरफ, डॉ. महेंद्र सिंह चौहान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि यह पूरा मामला ब्लैकमेलिंग का है और सिखा सिंह उन्हें पिछले 15-16 साल से ब्लैकमेल कर रही हैं. फिलहाल दोनों के बीच तलाक का मामला कोर्ट में है और पुलिस भी हबीबगंज थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर जांच कर रही है. सिखा सिंह ने आरोप लगाया है कि महेंद्र सिंह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और वे जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.

यहां देखें वीडियो

यह खबर भी पढ़ें: 'साहब, मुझे आईपीएस बनना है...' गर्लफ्रेंड को न्यूड कर मारने वाला आरोपी पीयूष और मंदसौर एसपी की मुलाकात का अनसुना किस्सा!

    follow on google news