भिंड वाहन रैली मामले में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा एक्शन, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष को पद से किया बर्खास्त
भिंड में सैकड़ों वाहनों की रैली निकालना भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को महंगा पड़ गया. प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील और मुख्यमंत्री की सादगी की नीति के खिलाफ जाने पर पार्टी ने उन्हें पद से हटा दिया है.
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भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए भिंड जिले में बड़ी कार्रवाई की है. पार्टी ने भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. यह फैसला ग्वालियर से भिंड के बीच निकाली गई एक विशाल वाहन रैली के बाद लिया गया है, जिसे प्रदेश संगठन ने अनुशासनहीनता का गंभीर मामला माना है.
पीएम की अपील की अनदेखी बनी वजह
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से डीजल और पेट्रोल की खपत कम करने की अपील की है. पार्टी का मानना है कि ऐसे समय में सैकड़ों वाहनों के साथ शक्ति प्रदर्शन करना न केवल फिजूलखर्ची है, बल्कि शीर्ष नेतृत्व के संदेश की अवहेलना भी है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर सज्जन सिंह की नियुक्ति निरस्त करने का आदेश जारी किया गया है.
मुख्यमंत्री ने भी पेश की है मिसाल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद ईंधन बचाने की मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं. उन्होंने हाल ही में अपने कारकेड में गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर केवल 6 कर दी है. सरकार और संगठन दोनों ही स्तरों पर नए पदाधिकारियों से सादगी के साथ पदभार ग्रहण करने की अपील की गई थी. इसके बावजूद, किसान मोर्चा द्वारा निकाली गई इस रैली ने पार्टी की छवि और नीतियों को नुकसान पहुंचाया.
संगठन का सख्त संदेश
राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को बीजेपी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तौर पर देखा जा रहा है. संगठन ने साफ कर दिया है कि पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. भिंड की इस घटना ने दूसरे कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए भी एक चेतावनी जारी कर दी है.
