बुंदेलखंड में कांग्रेस को झटके पर झटका, अब ये दिग्गज नेता थामेगा BJP का दामन!

मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, प्रदेश का ऐसा कोई हिस्सा नहीं बचा जिस क्षेत्र से कांग्रेस में टूट न हुई हो.

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Shankar Pratap Singh
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Loksabha Chunav 2024: मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, प्रदेश का ऐसा कोई हिस्सा नहीं बचा जिस क्षेत्र से कांग्रेस में टूट न हुई हो. भले ही बीजेपी नेता पार्टी में शामिल कराने के बाद कुछ न देने की बात कहते नजर आ रहे हों, फिर भी दलबदल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बगावत के दौर में अब बुंदेलखंड भी पीछे नहीं है. यहां से कांग्रेस के बड़े नेता शंकर प्रताप सिंह बुंदेला ने कांग्रेस को झटका देने का मन बना लिया है.

जानकारी के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के करीबी और पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह मुन्ना राजा अपने गांव में चल रहे बुंदेली उत्सव में सीएम मोहन यादव की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि मुन्ना राजा के कई ब्लॉक अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. खास बात यह है कि इस पूरी ज्वाइनिंग प्रक्रिया में वीडी शर्मा का अहम रोल है, ऐसा इसलिए क्योंकि ये क्षेत्र उनके ही संसदीय क्षेत्र में आता है. ,e

पूर्व विधायक मुन्ना राजा की पार्टी छोड़ने की वजह

पूर्व विधायक मुन्ना राजा लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर बने हैं, 2018 में कांग्रेस ने उन्हें बिजावर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था लेकिन यहां उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था. बात करें 2023 विधानसभा चुनाव की तो वे अपने बेटे के लिए राजनगर सीट से टिकट मांग रहे थे. 

हालात ऐसे थे कि पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी कुँवर विक्रम सिंह(नातीराजा) के प्रचार के लिए पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण यादव के सामने ही मुन्ना राजा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी का विरोध कर दिया. हालात ये बने थे कि वहां से आनन-फानन में खुद अरूण यादव को निकलना पड़ा था. ऐसा माना जा रहा है कि तभी से मुन्ना राजा ने पार्टी को अलविदा कहने का मन बना लिया था.  

 

 

सपा के भी संपर्क में आए थे मुन्ना

विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस से अपने बेटे को टिकट दिलाने में नाकाम रहे शंकर प्रताप सिंह बुंदेला ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी बंद कमरे में मुलाकात की थी. जिसकी तस्वीरें उस समय खूब चर्चांओं में रही थी. राजनीतिक पंडित बताते हैं कि सपा के बजाय शंकर प्रताप को बीजेपी में जाना ज्यादा फायदेमंद समझ आ रहा है.

यही कारण है कि वे क्षेत्र में अपना दबदबा दिखाने के लिए भोपाल में न बीजेपी ज्वाइन करके बल्कि अपने क्षेत्र में सीएम मोहन यादव की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो रहे हैं, ताकि क्षेत्र समेत उनके कार्यकर्ताओं के लिए एक अलग तरीके का संदेश जाए.