छिंदवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता की पिटाई से भड़के नकुलनाथ का 72 घंटे का अल्टीमेटम
छिंदवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता के अपहरण और मारपीट मामले में पूर्व सांसद नकुल नाथ ने पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. बीजेपी विधायक कमलेश शाह के महल में बंधक बनाने का आरोप है. पूरी खबर पढ़ें.
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छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट, अपहरण और बंधक बनाए जाने के मामले में पूर्व सांसद नकुल नाथ बेहद आक्रामक तेवर में नजर आ रहे हैं. उन्होंने इस गंभीर मामले में पुलिस प्रशासन को सीधे तौर पर 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना रविवार रात की है. पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ता बलराम श्रीवास का आरोप है कि वह पूर्व सांसद नकुल नाथ से मिलकर लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें जबरन बाइक पर बैठा लिया और हर्रई ले गए. आरोप है कि उन्हें बीजेपी विधायक कमलेश शाह के महल में बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा गया. इतना ही नहीं, उनका मोबाइल छीनकर उससे आपत्तिजनक मैसेज भी वायरल किए गए. पीड़ित का आरोप है कि यह सब विधायक के महल के कंप्यूटर ऑपरेटर अंशु सोनी द्वारा किया गया. घटना के बाद जब पीड़ित न्याय के लिए थाने पहुंचा, तो पुलिस ने कथित तौर पर एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल की.
नकुल नाथ का कड़ा रुख और पुलिस कंट्रोल रूम पर प्रदर्शन
हर्रई थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ित ने अपनी आपबीती पूर्व सांसद नकुल नाथ को सुनाई. इसके बाद नकुल नाथ खुद कार्यकर्ता को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और एडिशनल एसपी आशीष खरे को ज्ञापन सौंपा. नकुल नाथ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द नामजद आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई, तो वे डीजीपी और मुख्यमंत्री तक का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगे.
चर्चा में क्यों हैं बीजेपी विधायक कमलेश शाह?
इस पूरे विवाद के केंद्र में आए बीजेपी विधायक कमलेश शाह का राजनीतिक इतिहास काफी चर्चा में है. कमलेश शाह लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी में रहे और साल 2023 का विधानसभा चुनाव भी कांग्रेस के टिकट पर जीता था. हालांकि, बाद में उन्होंने पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम लिया और उपचुनाव जीतकर दोबारा विधानसभा पहुंचे.
इस मामले पर जब 'MP Tak' ने बीजेपी विधायक कमलेश शाह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
छिंदवाड़ा की सियासत में वापसी के संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब नकुल नाथ किसी कार्यकर्ता के हक में इतनी आक्रामक और जमीनी लड़ाई लड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. भले ही अगले चुनावों में अभी वक्त हो, लेकिन नकुल नाथ की इस बढ़ती सक्रियता ने यह साफ संकेत दे दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर आक्रामक तेवर अपनाए रखेगी और पीछे हटने को तैयार नहीं है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी.
