पहले टिकिट दिया फिर दिलाई भाजपा की सदस्यता, अब कार्यकर्ता कर रहे ऐसे प्रत्याशी का विरोध, लगाए आरोप
MP Election 2023: मंडला (Mandla) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के दौरे के ठीक पहले स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विरोध के सुर उभरने लगे हैं. मंडला जिले की बिछिया विधानसभा (Bichhia Vidhan sabha) के पूर्व विधायक पंडित सिंह धुर्वे और भाजपा के जिला महामंत्री नीरज मरकाम के नेतृत्व में बड़ी […]
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MP Election 2023: मंडला (Mandla) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के दौरे के ठीक पहले स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विरोध के सुर उभरने लगे हैं. मंडला जिले की बिछिया विधानसभा (Bichhia Vidhan sabha) के पूर्व विधायक पंडित सिंह धुर्वे और भाजपा के जिला महामंत्री नीरज मरकाम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर बिछिया विधानसभा के प्रत्याशी को बदलने की मांग की. दरअसल भाजपा ने बिछिया विधानसभा से डॉक्टर विजय आनंद मरावी (Vijay anand Maravi) को अपना उम्मीदवार बनाया है. डॉक्टर मरावी वैसे तो बिछिया विधानसभा के ही मूल निवासी हैं, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जमकर विरोध किया जा रहा है.
दरअसल डॉक्टर विजय आनंद मरावी मेडिकल कॉलेज जबलपुर (Jabalpur) में सहायक अधीक्षक के रूप में कार्य कर रहे थे. सुबह वो इस्तीफा देते हैं, दोपहर में टिकिट मिलती है और शाम को जिला कार्यालय पहुंचकर भाजपा की सदस्यता लेते हैं. क्षेत्रीय नेता इसी का विरोध कर रहे हैं. पार्टी कार्यालय पहुंचे नेताओं का कहना था कि पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया, जो पार्टी का प्राथमिक सदस्य भी नहीं था. टिकट मिलने के बाद उसने पार्टी की सदस्यता ली है. यह उन कार्यकर्ताओं का अपमान है, जिन्होंने कई सालों से पार्टी की सेवा की है.
कोई मूल्यांकन नहीं किया और ….
बिछिया से भाजपा प्रत्याशी (BJP Candidate) का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी आला कमान चाहे तो क्षेत्र के किसी भी नेता या कार्यकर्ता को टिकट दे दे, लेकिन ऐसे व्यक्ति को टिकट देना जिस क्षेत्र में कोई जानता नहीं और जिसका पार्टी में कोई योगदान नहीं, यह कार्यकर्ताओं के साथ नाइंसाफी है. भाजपा मंडला के महामंत्री नीरज मरकाम (Niraj Markam) का कहना है कि संगठन से निवेदन करने आए थे कि वर्तमान में जो प्रत्याशी हैं जिनको बूथ स्तर का एक भी कार्यकर्ता नहीं पहचानता, जिनकी भाजपा सदस्य तक नहीं थी, जिनका टिकट देने के बाद भाजपा में सदस्य दी जा रही है, तो यह तो दुर्भाग्य है कि ऐसी हमारी भारतीय जनता पार्टी जो की सैद्धांतिक पार्टी है, हमारी कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जमीन कार्यकर्ताओं को मूल्यांकन किया जाता है, लेकिन कहीं ना कहीं पार्टी लगातार बिछिया विधानसभा में हमारे सारे योग्य प्रत्याशी हैं. बहुत सारे ऐसे योग्य प्रत्याशी हैं जिनका संगठन ने कोई मान सम्मान नहीं किया, कोई मूल्यांकन नहीं किया और लगातार बाहरी प्रत्याशी को लाकर विधानसभा में टिकिट दिया जा रहा है. अगर पार्टी निर्णय नहीं बदलेगी तो यह चुनाव जीतना बहुत मुश्किल होगा.
कार्यकर्ता में भारी आक्रोश है
पूर्व विधायक पंडित सिंह धुर्वे का नाम भी भाजपा प्रत्याशियों की दौड़ में शामिल था. अब वे डॉक्टर मरावी को टिकिट मिलने का विरोध कर रहे हैं. पंडित सिंह धुर्वे का कहना है कि बड़े चुनाव कोई प्रत्याशी नहीं लड़ता कार्यकर्ता लड़ते हैं और यह जितने कार्यकर्ता मतदान केंद्रों में काम करने वाले कार्यकर्ता हैं, जो काम करते हैं. इन लोगों ने जो विरोध व्यक्त किया है, हमने विरुद्ध व्यक्त नहीं किया, पार्टी ने जो भी निर्णय लिया सोच समझकर क्या होगा लेकिन धरातल में क्या स्थिति है प्रत्याशी की, उसका कोई मूल्यांकन नहीं हुआ ? कार्यकर्ता में भारी आक्रोश है. यदि वह प्रत्याशी नहीं बदला जाएगा तो यह सारे कार्यकर्ता कह रहे हैं कि कोई काम नहीं करेगा.
यदि कार्यकर्ता कम नहीं करेगा तो परिणाम क्या आएगा यह मूल्यांकन आप खुद कर सकते हैं. आज हम कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ जिला अध्यक्ष के पास निवेदन करने आए हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष को निवेदन कर रहे हैं यदि भारतीय जनता पार्टी बिछिया विधानसभा क्षेत्र को जीतना चाहती है तो इन पार्टी कार्यकर्ताओं की कद्र करें और जो लोग वर्षों से पार्टी में कार्य कर रहे हैं उनको ही टिकट दिया जाए. सब लोग पूरी ताकत लगाकर काम करेंगे.
क्या पार्टी से इस्तीफी देंगे नाराज विधायक
यदि पार्टी टिकट नहीं बदलती तो क्या पार्टी से इस्तीफा देंगे या निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे, इस सवाल के जवाब में पूर्व विधायक ने कहा कि यह भविष्य के गर्त में है. यह पहला मौका नहीं है जब बिछिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार को लेकर नाराजगी उभरी हो. पूर्व विधायक ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिसको कोई जानता ही नहीं उसका पार्टी में 1 दिन का योगदान है क्या ? 1 घंटे का भी योगदान नहीं है और हम 30 – 32 साल से और हमारे जैसे कई कार्यकर्ता 25 सालों से कम कर रहे हैं, क्या उनकी उपेक्षा नहीं है ? जब इस तरह की उपेक्षा होगी स्वाभिमान को ठेस पहुंचेगी तो हमारे जैसे दिल से जुड़े कार्यकर्ता भी कंधे से कंधे मिलाकर खड़े होंगे और निर्णय नहीं बदला जाता तो जैसे पूर्व के लोगों ने बताया परिणाम भी सामने है. हमें विश्वास है कि हमारा वरिष्ठ नेतृत्व हमारी भावनाओं की कदर करते हुए प्रत्याशी जरूर बदलेगा.
प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचेगी बात
मंडला भाजपा जिला अध्यक्ष भीष्म द्धिवेदी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के हमारे सभी कार्यकर्ता हैं. हमारा विधानसभा का टिकट घोषित हो चुका है. निश्चित रूप से वहां प्रत्याशियों की संख्या ज्यादा थी और उसमें से जो टिकट हुआ है एक समान प्रक्रिया होती है. जब कोई भी कार्यकर्ता होता है तो वह अपेक्षा तो करता है, उसी अपेक्षा के अनुरूप सारे कार्यकर्ता है, कोई किसी के साथ खड़ा होता है, कोई किसी के साथ खड़ा होता है, तो वह लोग आए हैं और वह अपनी बात भारतीय जनता पार्टी के बीच एक परिवार के नाते रख रहे हैं. पूर्व विधायक पंडित सिंह धुर्वे, जिले के महामंत्री नीरज मरकाम ने भी दावेदारी की थी. उन्होंने मुझसे जो बात रखी है उसे मैं प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने का प्रयास करूंगा.
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