यात्रा बीच में छोड़ दिल्ली रवाना हुए दिग्विजय सिंह, राहुल गांधी से करेंगे मुलाकात
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' को 6 से 10 नवंबर तक 5 दिनों के लिए रोक दिया है. जानें यात्रा के रुकने की वजह और उनका दिल्ली दौरा कार्यक्रम
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मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही 17 दिवसीय 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर फिलहाल विराम लग गया है. अचानक यात्रा रुकने से सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिस पर अब खुद दिग्विजय सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है.
दीपावली अवकाश के कारण रोकी गई यात्रा
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि 06 नवंबर से 10 नवंबर 2026 तक यात्रा में शामिल सभी पदयात्रियों के लिए 5 दिनों का दीपावली अवकाश रखा गया है. इसका उद्देश्य यह है कि सभी यात्री अपने परिवार और प्रियजनों के साथ दीपोत्सव का त्योहार हर्षोल्लास से मना सकें. दीपावली अवकाश के बाद 11 नवंबर 2026 को राघौगढ़ से यात्रा पुनः प्रारंभ होगी, जो आरोन, अशोकनगर और श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा धाम होते हुए प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या की ओर बढ़ेगी.
राघौगढ़ में भव्य स्वागत और सुंदरकांड पाठ
17 दिनों के सफर के बाद जब यह यात्रा दिग्विजय सिंह के गृह नगर राघौगढ़ पहुंची, तो उनके पुत्र और विधायक जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में हजारों समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया. यात्रा को सुंदरकांड पाठ और हनुमान जी की महाआरती के साथ 5 दिनों के लिए विराम दिया गया. इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि राघौगढ़ की यह विशेषता है कि इसके चारों दिशाओं में हनुमान जी विराजमान हैं.
दिल्ली दौरे पर रहेंगे दिग्विजय सिंह
यात्रा पर ब्रेक के बीच दिग्विजय सिंह शुक्रवार दोपहर भोपाल से विमान द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं. दिल्ली में वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और रात्रि विश्राम भी वहीं करेंगे.
धार्मिक यात्रा का सियासी एजेंडा
धार्मिक स्वरूप वाली इस यात्रा के साथ इसका सियासी पहलू भी लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह राम मंदिर के चंदे का हिसाब और 'वोट चोरी' जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं. यात्रा के विशेष रथ में भगवान श्रीराम की प्रतिमा के साथ-साथ विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाई गई गंगाजली रखी गई है. इस यात्रा में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, रामेश्वर नीखरा और राजकुमार पटेल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी साथ चल रहे हैं.अब देखना होगा कि 11 नवंबर को यात्रा दोबारा शुरू होने के बाद दिग्विजय सिंह इन मुद्दों पर क्या नया राजनीतिक संदेश देते हैं.
