पहली पत्नी से बच्चा नहीं हुआ, तो स्नेहलता को फंसा कर बच्चे की चाह पूरी की, फिर हत्या कर शव को मगरमच्छों के बीच फेंका

पहली पत्नी से बच्चा नहीं होने पर सत्यप्रकाश जाटव ने कथित तौर पर स्नेहलता को प्रेमजाल में फंसाया. दोनों साथ रहने लगे और बच्चा होने के बाद स्नेहलता पांडेय की हत्या कर दी. आरोप है कि हत्या के बाद शव मगरमच्छों वाली नदी में फेंक दिया. स्नेहलता के पिता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है

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पहली पत्नी से बच्चा नहीं हुआ, बेटे के जन्म के बाद स्नेहलता की हत्या! शव मगरमच्छ वाली नदी में फेंका
सत्यप्रकाश और स्नेहलता की तस्वीर
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पहली पत्नी से बच्चा नहीं हुआ, तो दूसरी महिला को प्रेम जाल में फंसाया, प्यार का भरोसा दिया, मंदिर में शादी की और जब बच्चा पैदा हो गया, तो उसी महिला की हत्या कर दी. ये दर्दनाक कहानी है बिहार के नालंदा की रहने वाली स्नेहलता पांडेय की, जो नर्सिंग ऑफिसर बनने का सपना लेकर मध्य प्रदेश के भिंड आई थीं. आरोप है कि भिंड के जोशी नगर निवासी सत्यप्रकाश जाटव जो कॉलेज में क्लर्क के पद पर था. उसने अपने प्रेम जाल में स्नेहलता को फंसाया. मंदिर में शादी भी रचा ली, दोनों के बीच संबंध बने और स्नेहलता मां बनीं. लेकिन बच्चे के जन्म के बाद रिश्ते में विवाद बढ़ने लगे. पुलिस के मुताबिक, सत्यप्रकाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर स्नेहलता की हत्या कर दी और शव पचनदा नदी में फेंक दिया. अब तक शव बरामद नहीं हुआ है और परिवार अपनी बेटी के आखिरी दीदार का इंतजार कर रहा है.

पहली पत्नी से बच्चा नहीं हुआ, तो स्नेहलता को फंसाया !

स्नेहलता पांडेय बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली थीं. वह नर्सिंग ऑफिसर बनने का सपना लेकर भिंड पहुंची थीं. पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात जोशी नगर निवासी सत्यप्रकाश जाटव से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोस्ती प्यार में बदल गई. दावा है कि दोनों ने मंदिर में शादी भी कर ली थी. सत्यप्रकाश पहले से ही शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी से बच्चा नहीं हुआ था. इस मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि उसने स्नेहलता के साथ रिश्ता बच्चे की चाह में बनाया था. 

बच्चा पैदा होने के बाद बढ़ा तनाव

समय बीता और स्नेहलता मां बनीं. लेकिन बच्चे के जन्म के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे.बताया जा रहा है कि स्नेहलता अपने बच्चे के साथ सत्यप्रकाश के पास रहना चाहती थीं, जबकि सत्यप्रकाश उन्हें बिहार वापस भेजना चाहता था.इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया. आरोप है कि विवाद के बाद सत्यप्रकाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर स्नेहलता की हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, स्नेहलता की हत्या के बाद उनके शव को पचनदा नदी में फेंक दिया गया. पचनदा पांच नदियों का संगम है और चंबल क्षेत्र में स्थित है. इलाके में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण शव की तलाश मुश्किल बनी हुई है. पुलिस लगातार नदी में तलाश कर रही है, लेकिन अब तक स्नेहलता का शव बरामद नहीं हुआ है.

8 अक्टूबर के बाद परिवार से टूटा संपर्क

8 अक्टूबर के बाद स्नेहलता का बिहार में रह रहे परिवार से संपर्क टूट गया था. कई बार संपर्क करने के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई. इसके बाद परिवार भिंड पहुंचा और पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सत्यप्रकाश जाटव को हिरासत में लेकर पूछताछ की.

पूछताछ में हत्या का खुलासा, पुलिस कर रही जांच

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में सत्यप्रकाश  पुलिस को गुमराह करता रहा. बाद में पूछताछ के दौरान उसने स्नेहलता की हत्या और शव नदी में फेंकने की बात कबूल कर ली. पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं और शव की बरामदगी पर काम कर रही है. आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी. 

पिता का आरोप- ब्राह्मण बताकर बेटी को जाल में फंसाया

स्नेहलता के पिता संजय पांडेय ने कहा कि सत्यप्रकाश ने ब्राह्मण हूं बोलकर मेरी बेटी को अपने जाल में फंसाया था. इसके बाद कुछ साल साथ रहा और अब बेटी की हत्या कर दी. फिलहाल परिवार को अब तक बेटी का शव नहीं मिल पाया है. एक तरफ स्नेहलता का बच्चा मां से दूर है, तो दूसरी तरफ परिजन अपनी बेटी के अंतिम दीदार की उम्मीद लगाए बैठे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्नेहलता का शव कब बरामद होगा और जांच में इस दर्दनाक वारदात की पूरी सच्चाई कब सामने आएगी.   

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