ग्वालियर में दीवारों पर बनी महिलाओं की योगा वाली पेंटिंग्स के साथ छेड़छाड़, शर्मनाक हरकत की तस्वीरें हो रही वायरल

Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में योग करती महिलाओं की पेंटिंग्स को विकृत मानसिकता के लोगों ने खराब कर दिया. 11वीं की छात्रा आशी कुशवाह ने वीडियो बनाकर इस शर्मनाक हरकत को उजागर किया.

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दीवारों पर पेंटिंग्स के साथ भी छेड़छाड़.
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महिलाओं के ऊपर अत्याचार, यौन उत्पीड़न की खबरें तो आए दिन आती रहती है, लेकिन ये खबर और हैरान करने वाली है. गंदी मानसिकता के लोगों की शर्मनाक हरकत से ग्वालियर शर्मसार हो गया है. अब तो महिलाएं पेटिंग्स भी सुरक्षित नहीं है. देश के दिल मध्य प्रदेश में ऐसी खबरें दिल तोड़ने वाली है. 
 
महिलाएं अब पेंटिंग्स में भी सुरक्षित नहीं हैं...ये शब्द हैं 11वीं में पढ़ने वाली छात्रा आशी कुशवाह की, जो कुछ लोगों की इस गंदी मानसिकता से काफी परेशान हैं. वजह है शहर को सुंदर बनाने के लिए सड़कों के किनारे अंडरपास की दीवारों पर कुछ योग करती महिलाओं की पेंटिंग बनी थी. ये पेंटिंग्स इसलिए बनीं थी ताकि लोगों में योग के प्रति जागरूकता बढ़े और साथ ही साथ दीवार सुंदर दिखे, लेकिन योग करती महिलाओं की पेंटिंग्स को कुछ विकृत मानसिकता के लोगों ने खराब कर दिया था. 

आशी ने जब यह देखा तो वो काफी परेशान हो गई और उनसे इस विकृत मानसिकता के लोगों की करतूत को अपने इंस्टाग्राम पर शेयर कर दिया. इस पूरे मामले में जब MP Tak ने जब आशी से फोन पर बात किया तो उन्होंने बताया- ''मैं 11वीं क्लास की छात्रा है और छोटी हूं, इसलिए ऐसा कदम उठाने में थोड़ा डर लग रहा था. लेकिन यह जरूरी था. अगर मैं इसे नजरअंदाज कर देती, तो सालों तक चीजें ऐसी ही बनी रहतीं. इसी वजह से मैंने 4 जनवरी को एक दिन हिम्मत करके यह वीडियो शेयर कर ही दिया. हालांकि कुछ कमेंट्स आए कि शहर को बदनाम कर रही हो, लेकिन बदनाम तो उन जैसी मानसिकता वालों ने ही किया. मगर इस वीडियो से आवाज के लिए मुझे सराहना ही ज्यादा मिली."

लोकेंद्र ने ठीक की पेंटिंग्स 

आशी ने इस दौरान एक कड़वा सवाल भी पूछ लिया...सवाल ये दीवार तो फिर से रंग दी जाएगी, लेकिन उन लोगों की मानसिकता का क्या जो एक निर्जीव पेंटिंग को भी वस्तु की तरह देखते हैं?" जब आशी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया हैंडल इंस्टा पर पोस्ट किया तो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कॉलेज छात्र उस जगह पर गए. लोकेंद्र सिंह उर्फ ​​'केतु' पेंट और पेंटब्रश लेकर साइट पर पहुंचे और म्यूरल्स के विकृत हिस्सों को ठीक किया.  

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लोकेंद्र से भी एमपीतक ने बात की तो उन्होंने बताया कि  "जब मैंने अपने सोशल मीडिया फीड पर रील देखी, तो मुझे बहुत बुरा लगा और मैं मौके पर गया और दीवार पर बने आपत्तिजनक निशानों को दोबारा पेंट किया. लोगों को ऐसे काम करने में शर्म आनी चाहिए." 

इधर नगर निगम ने सारी पेंटिग्स ढक दी 

उधर, वीडियो वायरल होने और सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश के बाद ग्वालियर नगर निगम हरकत में आया. अफसरों ने तुरंत टीम भेजकर अश्लीलता वाली सभी पेंटिंग्स को सफेद रंग से ढंक दिया. अब इन दीवारों पर नए सिरे से कलाकृतियां बनाने की योजना है. अब इन दीवारों पर 11 जनवरी को Gen Z को बुलाकर पेंटिंग्स बनवाई जाएंगी. इसके बाद उनका सम्मान भी किया जाएगा. 

इस संबंध में ग्वालियर नगर पालिक निगम के कमिश्नर संघप्रिय से फोन कॉल पर बात करने की कोशिश की गई, तो उनके एक कर्मचारी ने फोन उठाया और आधे घंटे के बाद फोन लगाने के लिए कहा, लेकिन बाद में कमिश्नर साहब ने कॉल रिसीव नहीं किया. 

दरअसल, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर की दीवारों पर महिलाओं के 'ब्लैक सिलुएट' यानी काली छायाकृतियां बनाई गई थीं, जिनमें वे तमाम योगासान करती दिख रही थीं. लेकिन असामाजिक तत्वों ने उन चित्रों के विशिष्ट हिस्सों पर अश्लील चित्रकारी और खरोंचें बना दी थीं. फिलहाल खराब की गई पेंटिंग्स को तो ढक दिया गया, लेकिन आशी का सवाल जायज है....दीवार तो फिर से रंग गई, लेकिन उन लोगों की मानसिकता का क्या जो पेंटिंग को भी वस्तु की तरह देखते हैं?

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