Indore के गरबा पंडाल में ‘मुझे हाथ मत लगाना’ कहती रही बच्ची, फिर भी धक्के देते रहे BJP नेता, वीडियो वायरल !
इंदौर के कनकेश्वरी गरबा पंडाल में 15 वर्षीय बच्ची के साथ कथित धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल हुआ है. आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान ने बच्ची के बार-बार मना करने के बावजूद उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया. AICC सचिव कुणाल चौधरी और कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया ने वीडियो को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की बात कही है. मामले ने बच्चियों की सुरक्षा और नारी सम्मान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.
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Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित कनकेश्वरी गरबा पंडाल में 15 साल बच्ची के साथ कथित धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भाजपा के जीजा बाई मंडल अध्यक्ष कमल चौहान बच्ची के साथ बहस करते और उसे धक्का देते नजर आ रहे हैं. आरोप है कि उन्होंने बच्ची को कई बार धक्का देकर पंडाल से बाहर निकाल दिया. घटना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा नेता को पद से हटाने और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है. वहीं, भाजपा ने वायरल वीडियो की वास्तविकता और परिस्थितियों की जांच की बात कही है.
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2 स्थित कनकेश्वरी गरबा पंडाल में एक 15 वर्षीय बच्ची अपने परिजनों के साथ पहुंची थी. बताया जा रहा है कि बच्ची गरबा खेलना चाहती थी, लेकिन उसे प्रवेश देने से मना कर दिया गया. इसी बात को लेकर बच्ची के परिजनों और आयोजन की व्यवस्था संभाल रहे लोगों के बीच विवाद शुरू हो गया. इस दौरान सामने आए वीडियो में भाजपा के जीजा बाई मंडल अध्यक्ष कमल चौहान बैरिकेडिंग पार कर बच्ची और उसके परिजनों के पास पहुंचते दिखाई देते हैं. इसके बाद उनके और बच्ची के बीच बहस होती है. वीडियो में कमल चौहान बच्ची से 'तू हट जा यहां से' कहते सुनाई देते हैं. इस पर बच्ची विरोध जताते हुए कहती है, 'मुझे हाथ मत लगाना' बच्ची बीजेपी नेता के व्यवहार को गलत बताते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात भी कहती है. हालांकि, वीडियो में बच्ची के विरोध के बावजूद धक्का-मुक्की होती दिखाई देती है. आरोप है कि कमल चौहान ने बच्ची की बांह पकड़कर उसे तीन से चार बार धक्का दिया. मौके पर मौजूद कुछ लोग उन्हें रोकने की कोशिश करते भी नजर आते हैं. घटना के दौरान गाली-गलौज किए जाने का आरोप भी लगाया गया है. फिलहाल, वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है. पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई और बच्ची या उसके परिजनों की शिकायत की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी.
कांग्रेस ने भाजपा से पूछा- क्या मंडल अध्यक्ष को बर्खास्त करेंगे ?
बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है. AICC Secretary कुणाल चौधरी ने वीडियो को एक्स पर पोस्ट कर सरकार को घेरा, उन्होंने लिखा कि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और मंचों से नारी सम्मान की बातें करने वाली भाजपा के मंडल अध्यक्ष का इंदौर में एक बेटी को धक्का देने का वायरल वीडियो बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या यही है भाजपा का बेटी सम्मान ? धर्म के नाम पर दूसरों को उपदेश देने वालों को पहले अपने आचरण में मर्यादा दिखानी चाहिए. धर्म किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि सम्मान करना सिखाता है. माँ दुर्गा की आराधना और बेटियों का अपमान, यह दोहरा चरित्र आखिर कब तक चलेगा ? भाजपा नेतृत्व इस घटना पर चुप्पी तोड़े,संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करे और सार्वजनिक रूप से जवाब दे.बेटियों का सम्मान कोई राजनीतिक नारा नहीं, हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है.
भाजपा ने कहा- वायरल वीडियो की जांच जरूरी
वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने वायरल वीडियो को लेकर जांच की जरूरत बताई है. उन्होंने कहा कि वीडियो की परिस्थितियों और वास्तविकता की पड़ताल की जानी चाहिए. उन्होंने वीडियो के एआई से बनाए जाने की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच किए जाने की बात कही. भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक, जांच के बाद ही कार्रवाई के संबंध में विचार किया जा सकता है. ऐसे में अब पूरे मामले में जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण होंगे.
बच्चियों की सुरक्षा और कार्रवाई पर टिकी नजरें
इंदौर के कनकेश्वरी गरबा पंडाल का यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है. कांग्रेस जहां भाजपा पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस जांच की मांग कर रही है, वहीं भाजपा ने वायरल वीडियो की सत्यता की जांच पर जोर दिया है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो की जांच में क्या सामने आता है और बच्ची के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.
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