10 हजार की रिश्वत में फंसा कर्मचारी! 2.30 लाख का वेतन निकालने के लिए मांगी घूस, लोकायुक्त ने दबोचा

झाबुआ में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने निलंबन अवधि के आठ महीने का करीब 2.30 लाख रुपए का वेतन बिल पास कराने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पवन सिंह बिलवाल को रंगेहाथ पकड़ा. मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी की भूमिका भी सामने आई है. लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है.

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वेतन बिल के बदले रिश्वत का खेल! झाबुआ में सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों दबोचा
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झाबुआ में निलंबन अवधि के आठ महीने का वेतन बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. इंदौर लोकायुक्त की टीम ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पवन सिंह बिलवाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया. मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी को भी आरोपी बनाया गया है. शिकायतकर्ता के मुताबिक, करीब 2.30 लाख रुपए का बकाया वेतन निकालने के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी. 

वेतन बिल पास कराने के बदले मांगे 10 हजार रुपए

लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता धूम सिंह सिंगाड़ झाबुआ जिले के सेमलिया बड़ी स्थित शासकीय बालक छात्रावास में अधीक्षक के पद पर पदस्थ हैं. उन्होंने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी निलंबन अवधि के आठ महीने के वेतन का बिल पास कराने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है. शिकायतकर्ता का कहना था कि निलंबन अवधि के दौरान रुके वेतन की कुल राशि करीब 2 लाख 30 हजार रुपए है. इस राशि को निकलवाने के लिए उनसे रिश्वत की मांग की गई थी. 

शिकायत का सत्यापन करने के बाद बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर मामले का सत्यापन कराया गया. जांच के दौरान रिश्वत मांगने से संबंधित शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी कर्मचारियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई. गुरुवार, 22 अक्टूबर को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने झाबुआ स्थित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्रवाई की. इसी दौरान सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पवन सिंह बिलवाल को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया.

BEO जय नारायण बैरागी की भूमिका भी जांच के दायरे में

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, इस मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी की भूमिका भी सामने आई है. आरोप है कि बैरागी ने अपने कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पवन सिंह बिलवाल के माध्यम से रिश्वत की रकम दिलवाई.  कार्रवाई के बाद लोकायुक्त पुलिस ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय नारायण बैरागी और सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी पवन सिंह बिलवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है. 

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है. यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप टीम में निरीक्षक आशुतोष मिठास के साथ प्रधान आरक्षक विजय और विवेक मिश्रा तथा आरक्षक आदित्य भदौरिया, कमलेश और पवन पटोरिया शामिल रहे. लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के कार्यालय में रिश्वत मांगने का मामला चर्चा में है. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जा रही है.  

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