राजसी वैभव से निकले राजा महाकाल, सिंधिया परिवार के बगैर नहीं पूरी होती 'राजसी सवारी', जानिए इतिहास
Mahakaleshwar Shahi Sawari: भगवान महाकाल को उज्जैन नगरी के राजा के रूप में पूजा जाता है, इसलिए यहां के राजा अपने प्रजा रूपी भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर बाहर आते हैं. इस प्रक्रिया को महाकाल की सवारी नाम दिया गया है. लेकिन ये सवारी बेहद खास होती है क्योंकि भगवान सात रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं.
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भगवान महाकाल की सवारी में शामिल हुए सिंधिया.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
महाकाल की भादौं की सवारी में उमड़ी भीड़, सात रूपों में भगवान ने दिए दर्शन
ज्योतिरादित्य सिंधिया बेटे आर्यमन सिंधिया के साथ बजाते दिखे झांझ, किया पूजन
Mahakaleshwar Shahi Sawari: भगवान महाकाल को उज्जैन नगरी के राजा के रूप में पूजा जाता है, इसलिए यहां के राजा अपने प्रजा रूपी भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर बाहर आते हैं. इस प्रक्रिया को महाकाल की सवारी नाम दिया गया है. सावन के बाद भादौं की सवारी का खास महत्व है, इस दिन भगवान भक्तों को सात रूपों में दर्शन देते हैं. इस सवारी में सिंधिया राजघराने के लोग शामिल होते हैं. ऐसा ही हुआ, जब सोमवार को शाम पूरे राजसी ठाठ-बाट से सवारी निकली.