लाड़ली बहना योजना की पोर्टल कब तक खुलेगा ? एमपी सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग दावे !
मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना का पोर्टल दोबारा खुलने को लेकर मंत्रियों के अलग-अलग बयानों से असमंजस बढ़ गया है. जानिए क्या है पूरी खबर और नए पंजीयन पर सरकार का रुख.
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भोपाल: मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी 'लाड़ली बहना योजना' को लेकर राज्य सरकार के भीतर ही विरोधाभासी बयान सामने आने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है. योजना से छूटी हुई महिलाओं के नाम जोड़ने और पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर स्वास्थ्य राज्य मंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री के बयानों में अंतर ने महिलाओं की उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने दिए थे संकेत
बुधवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बयान दिया था कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर योजना से छूटी महिलाओं के नाम जोड़ने की तैयारी चल रही है. उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि जो महिलाएं छूट गई हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिले और इसके लिए आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं. इस बयान के बाद पात्र महिलाओं में पोर्टल खुलने की उम्मीद जग गई थी.
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने किया खंडन
हालांकि, इस दावे के कुछ ही देर बाद संबंधित विभाग (महिला एवं बाल विकास) की मंत्री निर्मला भूरिया ने इन खबरों को खारिज कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ मंत्री अपनी तरफ से बयान दे देते हैं, लेकिन फिलहाल पोर्टल दोबारा खोलने और नए नाम जोड़ने को लेकर सरकार का ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है. विभागीय मंत्री के इस रुख के बाद अब साफ हो गया है कि नए पंजीयन के लिए महिलाओं को अभी और इंतजार करना होगा.
करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है लाभ
जून 2023 में शुरू की गई लाड़ली बहना योजना के तहत शुरुआत में करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में आर्थिक सहायता भेजी गई थी. महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना में नियमित मासिक सहायता के अलावा रक्षाबंधन के मौके पर (अगस्त 2023, 2024, 2025 और 2026 में) 250-250 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जा चुकी है.
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है. फिलहाल सरकार की ओर से योजना सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन नए रजिस्ट्रेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण छूटी हुई महिलाओं को अब सरकार के आधिकारिक फैसले का इंतजार करना होगा.
