नर्मदा किनारे बसा शिव-पार्वती का अनूठा मंदिर! पुराणों में मिलता है जिसका वर्णन
Mahashivratri 2023: नर्मदा नदी के तट मां रेवा की भक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि भगवान शिव के लिए भी प्रसिद्ध हैं. मान्यता है कि नर्मदा का हर कंकर शंकर के समान होता है. महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर हम आपको नर्मदा किनारे स्थित अद्वित्तीय शिवमंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. जहां भगवान […]
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mahashivratri 2023, 18 february, Chausath yogini mandir, jabalpur, Bhedaghat
Mahashivratri 2023: नर्मदा नदी के तट मां रेवा की भक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि भगवान शिव के लिए भी प्रसिद्ध हैं. मान्यता है कि नर्मदा का हर कंकर शंकर के समान होता है. महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर हम आपको नर्मदा किनारे स्थित अद्वित्तीय शिवमंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. जहां भगवान शिव माता पार्वती के साथ नंदी के ऊपर विराजमान हैं. मान्यता है कि अपने विवाह के उपरान्त भोलेनाथ-पार्वती के साथ यहां आये थे. इस अद्वित्तीय मंदिर का वर्णन पुराणों में भी मिलता है.
