चंबल के बीहड़ों में पुलिस और 60 हजार के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर के बीच मुठभेड़, कल्ली गुर्जर को लगी गोली !
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पुलिस और 60 हजार के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर के बीच जबरदस्त मुठभेड़. पुलिस की गोली से घायल हुआ कल्ली गुर्जर गिरफ्तार, साथी अजय भी दबोचा गया. पढ़ें पूरी खबर.
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मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ चंबल के बीहड़ों में पुलिस और कुख्यात डकैतों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ में 60 हजार रुपये का इनामी कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर पुलिस की गोलीबारी में घायल हो गया है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसके कब्जे से एक राइफल और कई जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं. साथ ही, उसके एक अन्य साथी अजय को भी जंगल से धर दबोचा गया है.
यह पूरी कार्रवाई बानमौर थाना क्षेत्र के पहाड़ी गांव के जंगलों में अंजाम दी गई. पुलिस को पिछले कई दिनों से कुख्यात इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश थी, जिसके सिर पर शासन की ओर से 60 हजार रुपये का इनाम घोषित था. कल्ली गुर्जर लंबे समय से इलाके में दहशत का पर्याय बना हुआ था और पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका था. आज सुबह पुलिस को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी कि कल्ली अपने साथियों के साथ बानमौर के बीहड़नुमा पहाड़ी जंगल में छिपा है और किसी बड़ी वारदात की फिराक में है.
पुलिस पर शुरू कर दी थी अंधाधुंध फायरिंग
जैसे ही मुरैना पुलिस और बल की संयुक्त टीम मुखबिर के बताए स्थान पर पहुँची, डकैतों को पुलिस की भनक लग गई. खुद को घिरता देख घबराए डकैत गिरोह ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. जान बचाने और कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां दागीं. दोनों तरफ से कुछ मिनटों तक ताबड़तोड़ फायरिंग होती रही.
गोलीबारी थमने के बाद पुलिस ने जब जंगल की सर्चिंग शुरू की, तो कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर झाड़ियों के बीच घायल अवस्था में पड़ा मिला. उसके पैर में गोली लगी थी. मुख्य सरगना के घायल होने पर बाकी साथी घने जंगलों और बीहड़ों का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कल्ली के एक अन्य साथी अजय को भी घेरकर पकड़ लिया. घायल अवस्था में कल्ली गुर्जर को बानमौर से मुरैना जिला अस्पताल लाया गया है, जहाँ कड़े पहरे में उसका इलाज चल रहा है.
कल्ली गुर्जर ने लगाए थे पुलिस पर गंभीर आरोप
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही 'एमपीतक' को दिए एक इंटरव्यू में कल्ली गुर्जर ने पुलिस प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे. उसने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया था कि स्थानीय रंजिश के चलते उसे फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है. उसने इंटरव्यू में यहां तक कहा था कि अगर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया जाए तो वह कानून के सामने ससम्मान सरेंडर करने को तैयार है. हालांकि, पुलिस का शिकंजा कसने के बाद अब वह आखिरकार मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है.
आपराधिक पृष्ठभूमि वाला परिवार
मुरैना जिले के तिलोदा गांव का रहने वाला कल्ली गुर्जर उस परिवार से ताल्लुक रखता है जिसके लगभग सभी सदस्य अपराधी हैं. उसके पिता नत्थी गुर्जर पर अपने बेटों को अपराध की दुनिया में धकेलने का दावा किया जाता है. कल्ली सबसे बड़ा है और इसका एक भाई गैंगवार में मारा जा चुका है. साल 2025 में कल्ली तब सुर्खियों में आया था जब उसने घर में घुसकर एक गर्भवती महिला का अपहरण किया था. यह गैंग चार पहिया वाहनों से चलता था और मुरैना, पहाड़गढ़, श्योपुर, घाटीगांव, शिवपुरी से लेकर राजस्थान के धौलपुर के घने जंगलों तक अपने ठिकाने बदलता रहता था.फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के बाकी बचे अन्य साथियों की धरपकड़ के लिए जंगलों में लगातार कॉम्बिग ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
