जिस सीट से चुनाव जीतकर दिग्विजय सिंह बने थे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, वो फिर चर्चा में?
MP Election 2023: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav 2023) से पहले चाचौड़ा सीट इन दिनों प्रदेश भर में चर्चा बटोर रही है. चाचौड़ा सीट एक ऐसी विधानसभा है, जिसका इतिहास काफी पुराना है. यही वो विधानसभा सीट है जिससे 1993 में उपचुनाव लड़कर दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने प्रदेश की कमान संभाली थी. दिग्विजय […]
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MP Election 2023: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav 2023) से पहले चाचौड़ा सीट इन दिनों प्रदेश भर में चर्चा बटोर रही है. चाचौड़ा सीट एक ऐसी विधानसभा है, जिसका इतिहास काफी पुराना है. यही वो विधानसभा सीट है जिससे 1993 में उपचुनाव लड़कर दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने प्रदेश की कमान संभाली थी. दिग्विजय सिंह के लिए तत्कालीन कांग्रेस विधायक शिवनारायण मीना ने सीट खाली की थी. शिवनारायण मीना एकमात्र नेता हैं, जो चाचौड़ा सीट से 4 बार विधायक चुने गए थे. वर्ष 1998, 2003, 2008 के चुनाव में शिवनारायण मीना ने जीत की हैट्रिक भी लगाई थी. अब ये सीट दिग्विजय सिंह के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय बन गई है, क्योंकि यहां से राजपरिवार के सदस्य कभी चुनाव नहीं हारे.
मीना समाज के वोट तय करेंगे प्रत्याशियों का भविष्य
बीजेपी ने प्रियंका मीना (Priyanka Meena) को टिकट देकर पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है. प्रियंका मीना को टिकट मिलने से नाराज ममता मीना के बगावती तेवर बीजेपी के लिए सिरदर्द बना हुआ है. यदि ममता मीना पार्टी से बगावत कर के निर्दलीय चुनाव लड़ती हैं. बीजेपी को नुकसान होना तय है. राजनीतिक जानकारों का मानना है, “यदि ममता मीना निर्दलीय चुनाव लड़ती हैं, तो मीना वोटबैंक बंट जाएगा जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलेगा.”
कांग्रेस दिग्विजय सिंह के भाई पर फिर एक दांव लगाएगी?
चाचौड़ा सीट पर डैमेज कंट्रोल करने के लिए फिलहाल बीजेपी की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है, चाचौडा विधानसभा प्रभारी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बनाया गया है. यदि नरेंद्र सिंह तोमर चाचौड़ा सीट को बीजेपी की झोली में डालते हैं, तो उनका कद भी बढ़ेगा. हालांकि इस सीट को जीतना पार्टी के लिए उतना आसान भी नहीं होगा. फिलहाल कांग्रेस ने चाचौड़ा सीट से अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस एक बार दोबारा लक्ष्मण सिंह पर दांव लगा सकती है. बीजेपी की रणनीति काफी हद तक कांग्रेस के टिकट पर भी टिकी हुई है.
क्या कहती हैं प्रियंका मीना?
हालांकि बीजेपी से टिकट मिलने के बाद आईआरएस की पत्नी और चाचौड़ा से बीजेपी की उम्मीदवार प्रियंका मीना आश्वस्त हैं कि चाचौडा के विकास के लिए ममता मीना उनका समर्थन करेंगी. पार्टी ने उनमें विश्वास जताया है वे इस विश्वास को आगे भी बनाये रखेंगी.
ममता मीना का क्या है मानना?
ममता मीना ने बयान देते हुए कहा कि टिकिट घोषित करने से पहले पार्टी ने उनसे पूछा नहीं गया है. पैराशूट के माध्यम से टिकिट को लॉन्चिंग कर दी गई. जैसे पार्टी द्वारा टिकिट दिया गया वैसे ही जनता से वोट भी ले लेंगे. ममता मीना घर-घर जाकर प्रियंका मीना के लिए वोट नहीं मांगेंगी. अब देखना होगा की ममता मीना बगावत करती हैं या फिर चुपचाप बैठती हैं.
2018 में इस सीट पर किसको कितने मिले वोट?
2018 विधानसभा चुनाव के समय चाचौड़ा में कुल 203378 मतदाता थे. जिसमें 108333 पुरुष और 95042 महिला मतदाता थे. इस चुनाव में कुल 164544 लोगों ने मतदान किया था. चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी लक्षम्ण सिंह 81908 वोट पाकर जीत गए. जबकि बीजेपी प्रत्याशी ममता मीना को 72111 वोटों के साथ हारना पड़ा. चुनाव में हार जीत का अंतर 9797 था.
चाचौड़ा सीट का इतिहास
चाचौड़ा विधानसभा सीट में 2 लाख 24 हजार से ज्यादा मतदाता हैं. इस सीट पर मीना समाज का दबदबा माना जाता है. इस समाज का वोट बैंक लगभग 65 हजार से भी अधिक है. वहीं अनुसूचित जाति के लगभग 30 हजार मतदाता हैं. इसके अलावा आदिवासी, लोधा, गुर्जर, कुशवाह, ब्राह्मण चुनाव को रोचक बनाते हैं. चाचौड़ा सीट से 1951 से लेकर अब तक 16 बार विधायक निर्वाचित हुए हैं. वर्ष 1967 में पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के दादा सागर सिंह सिसोदिया भी स्वतंत्र पार्टी से विधायक रह चुके हैं. चाचौडा सीट से 9 बार कांग्रेस और 6 बार निर्दलीय विधायक चुने गए हैं.
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