लाखों की नौकरी छोड़ी, इंजीनियर की कुर्सी त्यागी! जानें कैसे राहुल साहू बने शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद के अनन्य शिष्य

Rahul Sahu disciple story: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी राहुल साहू की कहानी इन दिनों चर्चा में है, जिन्होंने लाखों की नौकरी और इंजीनियर की कुर्सी छोड़कर धर्म और सेवा का रास्ता चुना. कोरोना काल में जीवन के प्रति बदले नजरिए के बाद राहुल की मुलाकात स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से हुई और वे उनके अनन्य शिष्य बन गए. जानिए उनकी पूरी कहानी.

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Rahul Sahu disciple story
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शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद की गौ प्रतिष्ठा यात्रा इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. बनारस से शुरू हुई यह यात्रा जैसे-जैसे लखनऊ की ओर बढ़ रही है, इससे कई ऐसे युवा जुड़ रहे हैं जिन्होंने धर्म और सेवा के लिए अपने चमकते करियर को पीछे छोड़ दिया है. इन्हीं में से एक हैं मध्य प्रदेश के रहने वाले राहुल साहू, जो कभी एक सपोर्ट इंजीनियर के तौर पर कलेक्ट्रेट में तैनात थे, लेकिन आज वे शंकराचार्य के शिष्य के रूप में उनके काफिले का हिस्सा हैं.