MP में एक और 'धनकुबेर' का खुलासा, आय से 426% ज्यादा अकूत संपत्ति देख उड़ जाएंगे होश!
सतना में EOW की बड़ी कार्रवाई, सहकारी समिति के प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल के पास आय से 426% ज्यादा अकूत संपत्ति और खाद वितरण में फर्जीवाड़ा उजागर, दो मामलों में FIR दर्ज
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सतना जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है. यहां ईओडब्ल्यू (EOW) की छापेमारी में एक सहकारी समिति के तत्कालीन प्रभारी प्रबंधक के पास वैध आय से करीब 426 फीसदी ज्यादा संपत्ति का खुलासा हुआ है. आरोपी प्रबंधक के पास आलीशान मकान, भारी मात्रा में सोना, महंगी गाड़ियां और जमीन के दस्तावेज मिले हैं. इसके साथ ही यूरिया खाद वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी के मामले में भी गंभीर खुलासे हुए हैं, जिस पर ईओडब्ल्यू ने दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं.
92 लाख से ज्यादा का खर्च और संपत्ति, वैध आय सिर्फ 17 लाख
सतना जिले के नागौद क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति अमकुई के तत्कालीन प्रभारी समिति प्रबंधक सुरेंद्र प्रताप सिंह बघेल से जुड़ा है. ईओडब्ल्यू रीवा को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी, जिसका सत्यापन करने के बाद टीम ने उनके सिजहटी स्थित मकान पर सुबह-सुबह छापा मारा.जांच के दौरान आरोपी की सेवा अवधि के आय-व्यय का जो हिसाब सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया. आरोपी की वैध आय करीब 17 लाख 51 हजार रुपये पाई गई, जबकि संपत्ति और व्यय का कुल आंकड़ा 92 लाख 16 हजार रुपये तक पहुंच गया. यानी यह वैध आय से करीब 74 लाख 65 हजार रुपये अधिक है.
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
- आलीशान मकान: नागौद में करीब 2,200 वर्ग फीट में बना पक्का मकान.
- जमीन और सोना: लगभग 22 लाख 50 हजार रुपये मूल्य की जमीन के दस्तावेज और करीब 12 लाख रुपये का सोना.
- हुंडई क्रेटा, विटारा ब्रेजा, महिंद्रा ट्रैक्टर, बुलेट और पैशन प्रो जैसी गाड़ियां व कृषि उपकरण.
- छह बैंक खाते और छह बीमा पॉलिसियां, जिनकी जांच की जा रही है. इसके अलावा बेटे की दिल्ली में पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं.
खाद वितरण में भी फर्जीवाड़ा और कालाबाजारी
यह मामला सिर्फ आय से अधिक संपत्ति का ही नहीं, बल्कि यूरिया खाद के वितरण में कथित भ्रष्टाचार से भी जुड़ा है. शासन द्वारा निर्धारित 593 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय किसानों से 600 रुपये वसूले गए.पीओएस (POS) मशीन में 122 किसानों की फर्जी प्रविष्टियां दर्ज कर खाद को खुले बाजार में बेचने का आरोप है.असली किसानों के परमिट और रसीदों में काट-छांट करने के साथ फर्जी स्टॉक रजिस्टर तैयार करने के सबूत भी मिले हैं.
दोहरी FIR दर्ज, आगे की जांच जारी
आय से अधिक संपत्ति और खाद वितरण में कथित गड़बड़ी को लेकर ईओडब्ल्यू ने सुरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है. फिलहाल संपत्तियों, दस्तावेजों और बैंक खातों की गहन जाँच जारी है, और इस दोहरी कार्रवाई से सहकारिता महकमे में हड़कंप मच गया है.
