"हम आज तक पैर नहीं छू पाए, गलत काम तो दूर की बात..." अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरे नरसिंहपुर के बटुक, आरोपों को बताया झूठा
Narsinghpur Ashram Batuk Statement: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों के बीच नरसिंहपुर आश्रम के बटुकों और सेवादारों ने चुप्पी तोड़ी है. जानें उन्होंने स्विमिंग पूल और बटुकों के साथ प्रताड़ना के दावों पर क्या कहा.

Shankaracharya Controversy: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर प्रयागराज में दर्ज हुई एफआईआर के बाद अब उनके मध्य प्रदेश स्थित नरसिंहपुर आश्रम के बटुक और सेवादार बचाव में उतर आए हैं. आश्रम के छात्रों और कर्मचारियों ने उन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें बच्चों के यौन शोषण और आश्रम में विलासिता की बातें कही गई थीं.
"महाराज जी किसी को टच नहीं करने देते"- बटुक
आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर रहे बटुकों ने कैमरे पर अपनी बात रखी. 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों का कहना है कि महाराज जी का स्वभाव बेहद सात्विक है और उनपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं.
आश्रम के एक छात्र ने बताया- "जो आरोप लग रहे हैं वो सरासर झूठ हैं. महाराज जी किसी को टच नहीं करते हैं और न ही कोई उनको टच कर पाता है. हमें यहां रहते हुए चार साल हो गए हैं, लेकिन आज तक हम महाराज जी के पैर तक नहीं छू पाए हैं. ऐसे में गलत काम की बात करना ही बेमानी है."
स्विमिंग पूल और लग्जरी लाइफ के दावों पर सफाई
वीडियो रिपोर्ट में आश्रम के पूजन कक्ष और उस स्थान को भी दिखाया गया जहां शंकराचार्य रुकते हैं. आश्रम के सेवादार ने विलासिता के आरोपों पर कहा कि महाराज जी का स्वभाव बहुत सरल है. उन्होंने बताया- "स्विमिंग पूल जैसा कुछ नहीं है, ये सब गलत आरोप हैं. महाराज जी यहीं सामान्य तरीके से स्नान करते हैं. जब भी वो यहां आते हैं, भक्तों और विद्यार्थियों से बहुत प्रेम से मिलते हैं. हम पिछले 6 साल से यहां सेवा दे रहे हैं, हमने कभी कुछ गलत नहीं देखा."
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क्या है विवाद?
बता दें कि प्रयागराज की एक कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर नाबालिगों के साथ यौन शोषण के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पीड़ित पक्ष ने दावा किया था कि नरसिंहपुर और अन्य आश्रमों में बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है. अब इन्हीं आरोपों पर नरसिंहपुर आश्रम के छात्रों ने मोर्चा संभालते हुए इन्हें 'साजिश' करार दिया है.










