शंकराचार्य विवाद पर 'मामा' की चुप्पी! काशी पहुंचे शिवराज सिंह चौहान से जब पूछा गया सवाल, तो बोले- 'हर जगह राजनीति ठीक नहीं'
Shivraj Singh Chouhan statement: शंकराचार्य विवाद के बीच काशी पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बयान देने से इनकार कर दिया. वाराणसी में दर्शन के बाद जब उनसे ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि 'हर जगह राजनीति ठीक नहीं.' जानें पूरा मामला, क्या है राजनीतिक मायने और क्यों बढ़ा सस्पेंस.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पहुंचे, तो माहौल भक्तिमय था. लेकिन काशी इस समय केवल धर्म की नगरी नहीं, बल्कि ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों के कारण 'सियासत का हॉटस्पॉट' भी बनी हुई है. ऐसे में जब मीडिया ने शिवराज सिंह से शंकराचार्य विवाद पर सवाल पूछा, तो उन्होंने जो जवाब दिया उसने नई चर्चा छेड़ दी है.
'भगवान की भक्ति में डूबो, राजनीति नहीं'
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद जब शिवराज सिंह चौहान बाहर निकले, तो मीडिया कर्मियों ने उन पर शंकराचार्य विवाद को लेकर सवालों की बौछार कर दी. सवाल सुनते ही मामा की भाव-भंगिमा अचानक बदल गई और उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी राजनीतिक टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया. उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, देखो, यहां कोई राजनीति नहीं. भगवान की भक्ति में डूबो, हर जगह राजनीति ठीक नहीं. हर-हर महादेव!' शिवराज सिंह ने बार-बार नो पॉलिटिक्स का मंत्र दोहराया और भगवान शिव के जयकारे लगाकर आगे बढ़ गए.
चुप्पी के पीछे क्या है 'रणनीति'?
राजनीतिक गलियारों में शिवराज सिंह चौहान की इस चुप्पी को एक सोची-समझी 'रणनीतिक दूरी' के रूप में देखा जा रहा है. जानकारों का मानना है कि अनुभवी नेता होने के नाते शिवराज जानते हैं कि ऐसे धार्मिक और विवादित मामलों में दिया गया कोई भी बयान पार्टी की आधिकारिक लाइन से टकरा सकता है. साथ ही शंकराचार्य जैसे उच्च पद से जुड़े विवाद पर कुछ भी बोलना संत समाज को नाराज कर सकता है या विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा दे सकता है. इसके अलावा पार्टी फिलहाल इस विवाद को बहुत ज्यादा तूल नहीं देना चाहती, इसलिए शिवराज ने चुप्पी का सबसे सुरक्षित रास्ता चुना.
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डिप्टी सीएम का नाम आने से बढ़ा सस्पेंस
शंकराचार्य विवाद उस समय और पेचीदा हो गया जब आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने बिना नाम लिए एक डिप्टी सीएम का जिक्र किया. आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पीछे एक डिप्टी सीएम का हाथ है, हालांकि उन्होंने नाम का खुलासा नहीं किया. इस बयान के बाद सियासी पारा चढ़ा हुआ है और शिवराज की चुप्पी इस सस्पेंस को और गहरा कर रही है.
सबके कल्याण की कामना और होली की बधाई
विवादों से बचते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बाबा विश्वनाथ से जनता के सुख, आरोग्य और वैभवशाली भारत के निर्माण की प्रार्थना की. साथ ही उन्होंने देशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम और स्नेह से त्यौहार मनाने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि होली गिले-शिकवे भुलाकर एक होने का पर्व है, इसमें ईर्ष्या और द्वेष की जगह नहीं होनी चाहिए.










