'कैसा है अविमुक्तेश्वरानंद का बेडरूम?', आरोपों के बीच एमपी तक की टीम पहुंची नरसिंहपुर स्थित गुप्त कक्ष तक, देखें एक्सक्लूसिव वीडियो
Shankaracharya bedroom video: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे यौन शोषण और आलीशान जीवनशैली के आरोपों के बीच एमपी तक की टीम मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित आश्रम पहुंची. एक्सक्लूसिव वीडियो में कथित बेडरूम और निजी कक्ष की सच्चाई सामने आई. देखिए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और जानिए पूरा मामला.

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे यौन शोषण और आलीशान जीवन शैली के आरोपों ने पूरे देश के संत समाज और भक्तों को हिलाकर रख दिया है. इन विवादों के बीच, एमपी तक (MP Tak) की टीम मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित उस आश्रम में पहुंची, जिसे शंकराचार्य का प्रमुख निवास स्थल माना जाता है. यहां टीम ने उस 'बेडरूम' और 'निजी कक्ष' का जायजा लिया, जिसे लेकर आशुतोष ब्रह्मचारी ने कई गंभीर दावे किए थे.
दो मंजिला आश्रम और वो खास छत
नरसिंहपुर का यह आश्रम संरचना के मामले में बहुत भव्य नहीं, बल्कि पारंपरिक शैली में बना हुआ है. यह मुख्य रूप से दो मंजिला है. आश्रम की ऊपरी मंजिल पर एक विशाल और पूरी तरह खुली हुई छत है. इसी छत के एक कोने में वह विशेष कक्ष (बेडरूम) बना हुआ है, जहां वर्तमान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विश्राम करते हैं.
दो शंकराचार्यों की विरासत: सादगी या लग्जरी?
इस कक्ष का ऐतिहासिक महत्व भी है. आश्रम के सेवादारों ने बताया कि इसी कमरे में ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (जो दो पीठों के शंकराचार्य थे) निवास किया करते थे. वर्तमान में जब भी अविमुक्तेश्वरानंद का नरसिंहपुर प्रवास होता है, वे इसी कक्ष का उपयोग करते हैं.
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एक्सक्लूसिव विजुअल्स में क्या दिखा?
साधारण वातावरण: कमरे के भीतर कोई आधुनिक तड़क-भड़क, कीमती फर्नीचर या 'शीश महल' जैसी सुख-सुविधाएं नजर नहीं आईं.
सात्विक शैली: कमरा बेहद सादा और शांत है, जो एक सन्यासी के पारंपरिक जीवन को दर्शाता है.
खुली छत का रहस्य: छत पूरी तरह से खुली हुई है, जिसे लेकर शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि वहां कुछ गुप्त निर्माण कराए गए हैं, लेकिन कैमरों में ऐसी कोई संदिग्ध चीज नहीं दिखी.
स्थानीय लोगों में दिखा आक्रोश
जहां एक ओर आशुतोष ब्रह्मचारी और पीड़ित बटुक ने वाराणसी से लेकर नरसिंहपुर तक के आश्रमों में 'गंदा काम' होने के आरोप लगाए हैं, वहीं नरसिंहपुर के स्थानीय निवासी इन दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं. आश्रम के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि, हम दशकों से यहां आ रहे हैं. हमने कभी यहां कोई अनैतिक गतिविधि नहीं देखी. आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं. यह सनातन धर्म के शीर्ष पद को बदनाम करने और शंकराचार्य को फंसाने का एक बड़ा षड्यंत्र है.
आरोपों और हकीकत के बीच फंसा सस्पेंस
गौरतलब है कि वाराणसी के विद्यामठ में 'स्विमिंग पूल' और 'सखी' के दावों के बाद नरसिंहपुर आश्रम की इन तस्वीरों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है. जहां पीड़ित पक्ष मेडिकल रिपोर्ट और गवाही का हवाला दे रहा है, वहीं आश्रम की ये सादगी भरी तस्वीरें बचाव पक्ष को मजबूती दे रही हैं.
यहां देखें वीडियो
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