बीजेपी की दूसरी लिस्ट आते ही इस बड़े नेता छोड़ी पार्टी, इस वजह से कर दी बगावत; कहा- लड़ूंगा चुनाव

BJP Second List: भाजपा ने दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. इसमें कई चौंकाने वाले नाम है. भारतीय जनता पार्टी ने 39 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को चुनावी मैदान में उतारा गया है. सतना से सांसद गणेश सिंह को टिकट दिया गया है. गणेश सिंह का नाम सामने आते […]

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BJP Second List: भाजपा ने दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. इसमें कई चौंकाने वाले नाम है. भारतीय जनता पार्टी ने 39 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को चुनावी मैदान में उतारा गया है. सतना से सांसद गणेश सिंह को टिकट दिया गया है. गणेश सिंह का नाम सामने आते ही सतना में भाजपा में बगावत का बिगुल बज चुका है. गणेश सिंह का टिकट फाइनल होने के बाद भाजपा उम्मीदवारों की दौड़ में चल रहे एक नेता ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक रत्नाकर चतुर्वेदी टिकट की दौड़ में शामिल थे. सर्वे में जिन तीन दावेदारों का नाम शामिल था, उनमें रत्नाकर का नाम भी शामिल था. भाजपा नेता रत्नाकर चतुर्वेदी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. उन्होंने वीडियो जारी कर सांसद गणेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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सतना से सांसद को मिला टिकट

भाजपा ने 39 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में कई केंद्रीय नेताओं को उम्मीदवार बनाया है. इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद रीति पाठक और सतना सांसद गणेश सिंह का नाम शामिल है. गणेश सिंह ने विधानसभा उम्मीदवार चुने जाने पर पार्टी का आभार जताया है और कहा कि समय-समय पर पार्टी हर कार्यकर्ता की भूमिका शुरू से तय करती आ रही है.

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निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया ऐलान

गणेश सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद रत्नाकर चतुर्वेदी ने पार्टी और सांसद पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना काल में कोई मैदान में नहीं आया उन्होंने लोगों की सेवा की. रत्नाकर चतुर्वेदी ने दुख जताते हुए कहा, ‘मेरी मेहनत का पार्टी ने मुझे ये फल दिया है, उसका तह दिल से शुक्रिया. अगर जनता की इच्छा होगी तो मैं निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा.’

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कौन हैं रत्नाकर चतुर्वेदी?

भाजपा से बगावत करने वाले रत्नाकर चतुर्वेदी मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के रिश्तेदार हैं. रत्नाकर भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष भी रहे हैं. ये सहकारी बैंक के चेयरमैन भी रह चुके हैं. रत्नाकर के पिता कमलाकर चतुर्वेदी भी भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय तक केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन रहे हैं. बता दें कि रत्नाकर को आरक्षक के साथ मारपीट करने के आरोप में एक साल की सजा हो चुकी है.

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