दरअसल, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा कहना था कि केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने उन्हें शाम 6:30 बजे मिलने का समय दिया था, लेकिन वह नहीं मिलीं, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी का डेलीगेशन धरने पर बैठ गया. जब तक केंद्रीय मंत्री उनसे मुलाकात नहीं करेंगी, तब तक वो वहां से नहीं उठेंगे. इसके बाद पुलिस ने बल का प्रयोग कर सभी टीएमसी नेताओं को हिरासत में ले लिया. इस दौरान दिल्ली पुलिस और टीएमसी नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया. Mahua Moitra was dragged by the police, fire was fired on BJP. What did Mamata Banerjee say?