Medical Miracle: पेशाब में दर्द से 3 साल तक तड़पता रहा शख्स, डॉक्टरों ने पेट से निकाली 1.3 किलो की 'विशालकाय' पथरी, उड़े सबके होश
चीन के गुआंगडोंग प्रांत में डॉक्टरों ने 56 वर्षीय किसान के मूत्राशय से 1.3 किलोग्राम वजनी विशाल पथरी निकालकर सबको चौंका दिया. दो इंसानी मुट्ठियों जितनी बड़ी इस पथरी ने मरीज के पूरे ब्लैडर को घेर लिया था और किडनियों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही थी. तीन साल तक दर्द सहने के बाद मरीज का सफल ऑपरेशन किया गया. डॉक्टरों ने कम पानी पीने, यूरिन रोकने और प्रोस्टेट समस्याओं को इसकी बड़ी वजह बताया है.
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चीन के गुआंगडोंग (Guangdong) प्रांत से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे देखकर खुद डॉक्टर्स और मेडिकल एक्सपर्ट्स भी दंग हैं. यहां एक 56 वर्षीय किसान के यूरिनरी ब्लैडर (मूत्राशय) से डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके 1.3 किलोग्राम वजनी पथरी निकाली है. यह पथरी इतनी बड़ी थी कि इसका आकार एक या दो नहीं, बल्कि दो वयस्क इंसानों की मुट्ठी के बराबर है.

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हैरानी की बात यह है कि यह मरीज पिछले तीन सालों से पेशाब करते समय होने वाले असहनीय दर्द को झेल रहा था, लेकिन काम की मजबूरी और लापरवाही के चलते अस्पताल जाने से बचता रहा. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक उस शख्स को धीरे-धीरे यह समस्या इतनी बढ़ गई कि उसने डर के मारे दिन में कहीं दूर जाना बंद कर दिया. दर्द के कारण उनकी रातों की नींद उड़ गई. आखिरकार, जब बर्दाश्त से बाहर हो गया, तब वे गुआंगडोंग मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध जूवेन अस्पताल (Xuwen Hospital) पहुंचे.

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जब डॉक्टरों ने चेन के पेट का स्कैन और एक्स-रे किया, तो उनके होश उड़ गए. स्कैन में साफ दिखा कि एक विशालकाय पथरी ने उनके पूरे ब्लैडर (मूत्राशय) को घेर रखा था. जांच में पता चला कि इस पथरी का साइज 10 सेंटीमीटर चौड़ा और 13 सेंटीमीटर लंबा था. पश्चिमी गुआंगडोंग क्षेत्र में अब तक पाई गई यह सबसे बड़ी ब्लैडर स्टोन (मूत्राशय की पथरी) है.

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इस विशाल पथरी की वजह से मरीज की दोनों किडनियों में सूजन आ गई थी, जिसे मेडिकल भाषा में 'बायलेटरल हाइड्रोनेफ्रोसिस' (Bilateral Hydronephrosis) कहा जाता है. इसके कारण उन्हें यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) का गंभीर संक्रमण भी हो गया था. डॉक्टरों के मुताबिक, यह पथरी लगातार मूत्राशय की दीवार पर दबाव बना रही थी, जिससे मरीज की किडनियां डैमेज हो रही थीं. अगर सही समय पर इलाज नहीं मिलता, तो मरीज 'यूरीमिया' (Uraemia) का शिकार हो सकता था, जिसमें किडनी पूरी तरह फेल हो जाती है और शरीर में यूरिया जैसे टॉक्सिक तत्व फैल जाते हैं.

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अस्पताल की मेडिकल टीम ने तुरंत एक विशेष सर्जरी प्लान तैयार की और सफलतापूर्वक ऑपरेशन करके इस 1.3 किलो की पथरी को बाहर निकाल दिया. फिलहाल मरीज तेजी से रिकवर हो रहा है. शंघाई दसवीं पीपुल्स हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट वांग गुआंगचुन के अनुसार, ब्लैडर में लंबे समय तक यूरिन जमा रहने के कारण ऐसी पथरियां बनती हैं. उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना, कम पानी पीना और लगातार बैठे रहने (Sedentary Lifestyle) जैसी बुरी आदतें इसके मुख्य कारण हैं. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस तरह की गंभीर स्थिति से बचने के लिए भरपूर पानी पीएं, यूरिन को ज्यादा देर न रोकें और प्रोस्टेट या यूटीआई जैसी छोटी बीमारियों का समय पर इलाज कराएं.