6 बार डिप्टी सीएम और 7 बार विधायक, ऐसा रहा अजित पवार का सियासी सफर

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का बारामती के पास निजी विमान हादसे में निधन हो गया. चुनाव प्रचार के दौरान लैंडिंग के समय विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. 45 साल के राजनीतिक करियर में वह छह बार डिप्टी सीएम और सात बार विधायक रहे.

Ajit Pawar career
Ajit Pawar career
social share
google news

महाराष्ट्र की सियासत से एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. राज्य के उपमुख्यमंत्री और कद्दावर नेता अजित पवार का एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया है. यह हादसा बुधवार को उस समय हुआ जब वे जिला पंचायत चुनाव प्रचार के लिए बारामती जा रहे थे.

अजित पवार अपने निजी विमान से बारामती जा रहे थे. लैंडिंग के दौरान विमान अचानक हादसे का शिकार हो गया. इस घटना में अजित पवार समेत विमान में मौजूद सभी 5 लोगों की भी जान चली गई है.

चाचा की छाया से निकलकर बने 'किंगमेकर'

22 जुलाई 1959 को जन्मे अजित पवार का शुरुआती जीवन सादगी भरा था. उनके पिता फिल्म जगत में काम करते थे. कॉलेज के दिनों में पिता के साये के उठ जाने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और राजनीति की राह चुनी. उन्होंने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर सियासत का ककहरा सीखा और देखते ही देखते महाराष्ट्र की राजनीति के 'दादा' बन गए.

यह भी पढ़ें...

1982 में मारी राजनीति में एंट्री

अजित पवार ने 1982 में राजनीति में प्रवेश किया और कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में चुने गए. वह पुणे जिला कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन भी रहे और 16 साल तक इसी पद रहे. इसी दौरान वह बारामती से लोकसभा सांसद भी निर्वाचित हुए. बाद में उन्होंने शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी थी. बारामती सीट पवार की खानदानी सीट है. इस सीट पर शरद पवार और अजित पवार का ही बोलबाला रहा. 

1967 से 1990 तक शरद पवार यहां से विधायक रहे. इसके बाद 1991 से अब तक अजित पवार यहां से विधायक चुने गए. दोनों ने मिलाकर 8 बार कांग्रेस और 4 बार एनसीपी के झंडे से जीत हासिल की. शिवसेना या बीजेपी से कभी कोई इस सीट पर जीत हासिल नहीं सका. 

सियासत के 'बेताज बादशाह' का सफर 

अजित पवार ने अपने 45 साल के करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए. वे बारामती से लगातार 7 बार विधायक चुने गए और उनके नाम महाराष्ट्र के 6 बार उपमुख्यमंत्री बनने का अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. हालांकि उन्होंने राजनीति की शुरुआत चाचा के साथ की थी, लेकिन 2022-23 में उन्होंने अपनी एक अलग राह बनाई और खुद को एक स्वतंत्र और मजबूत नेता के तौर पर साबित किया. अजित पवार कार्यकर्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे. उनके अचानक चले जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना नामुमकिन होगा.

उपमुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड

सीएम अजित पवार का राजनीतिक कद इस बात से समझा जा सकता है कि वे महाराष्ट्र के रिकॉर्ड 6 बार उपमुख्यमंत्री रहे. 1991 में पहली बार सांसद बनने के बाद उन्होंने वह सीट अपने चाचा के लिए छोड़ दी और खुद राज्य की राजनीति की कमान संभाली. वे 1995 से लगातार बारामती से विधायक चुने जाते रहे. वह 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी इसी सीट से जीतते रहे. इस तरह वह सात बार विधायक बने.

अजित पवार नहीं रहे: बारामती विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री समेत 5 लोगों की मौत, DGCA ने की पुष्टी

    follow on google news