बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा, 7 राज्यों में बारिश का अलर्ट; 90 Kmph तक चल सकती हैं हवाएं
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत 7 राज्यों में बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. समुद्र में 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाएं चलने की आशंका है.
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बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, 23 अक्टूबर की सुबह बंगाल की खाड़ी में यह सिस्टम बना था. इसके 26 अक्टूबर तक चक्रवात में बदलने की आशंका है. इसका असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में दिख सकता है. 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने का खतरा है. हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि तूफान किस जगह तट से टकराएगा.
इस मौसम सिस्टम का असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है. इन इलाकों में बारिश होने की संभावना है. आने वाले दिनों में मौसम विभाग तूफान की दिशा और उसकी ताकत को लेकर और जानकारी दे सकता है.
कैसे चक्रवाती तूफान में बदलेगा मौसम का सिस्टम?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर तक डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके बाद 25 अक्टूबर तक इसके गहरे डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. 26 अक्टूबर तक यह चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. अनुमान है कि यह सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ सकता है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चक्रवात किस जगह तट से टकराएगा. इसकी दिशा और ताकत को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति साफ हो सकती है.
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बढ़ सकती है बारिश
इस मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दिख सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 23 से 29 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है. कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
ओडिशा में 26 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है. 27 से 29 अक्टूबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है. वहीं, हवा के झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने का खतरा है. निचले इलाकों में पानी भरने की भी आशंका है. ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है.
बंगाल की खाड़ी में 90 Kmph तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है. 26 से 28 अक्टूबर के बीच पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इस दौरान तेज झोंकों की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की आशंका है. समुद्र में खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को प्रभावित समुद्री इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी गई है. जो लोग समुद्र में जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करना चाहिए.
अगले कुछ दिनों तक मौसम पर रहेगी नजर
फिलहाल यह साफ नहीं है कि संभावित चक्रवात किस तट से टकराएगा और इसकी ताकत कितनी होगी. आने वाले दिनों में इसकी दिशा और तीव्रता में बदलाव हो सकता है. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के नए अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. भारी बारिश के दौरान पानी से भरी सड़कों पर जाने से बचना चाहिए. तेज हवाएं चलने पर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना जरूरी है.
