Charchit Chehra: कौन हैं उदय भानु चिब, जिनके लिए पूरी कांग्रेस संभाल रही मोर्चा? जानिए उनकी पॉलिटिकल जर्नी
Uday Bhanu Chib biography: भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद सियासत गरमा गई है. इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शर्टलेस प्रोटेस्ट के आरोप में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं का विरोध तेज हो गया है.चर्चित चेहरा में आज जानिए जम्मू के पलौड़ा से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले उदय भानु चिब की राजनीतिक यात्रा, NSUI से लेकर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक का सफर.

दिल्ली के भारत मंडपम में हुए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में देश-विदेश के दिग्गज जुटे थे, ऐसे में जो वहां हुआ वो अब तक शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. पहला मामला तो गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबो डॉग वाला ही था और दूसरे मामला है शर्टलेस प्रोटेस्ट का, जिसके बाद भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की चर्चाएं शुरू हो गई. उदय भानु कांग्रेस के ऐसे नेता हैं, जो खुद को कांग्रेस से जुड़े ही हैं और पिता हरि सिंह चिब भी कांग्रेस की लाइन पर जमीनी स्तर की राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं. इसके अलावा राहुल गांधी के साथ भी परिवार के अच्छे रिश्ते हैं.
ऐसे में जब दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब को 15 से 20 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है तो कांग्रेस पार्टी के नेताओं का गुस्सा आग बबूला होकर सोशल मीडिया पर बरस रहा है. वहीं उदय की मां और पिता अपने बेटे पर गर्व जताते हुए साफ कह रहे हैं कि जरूरत पड़ी तो बेटा भगत सिंह भी बनने को तैयार है. चर्चित चेहरा के इस एपिसोड में आज जानिए कौन हैं उदय भानु चिब जिनकी गिरफ्तारी पर हो रहा इतना बवाल? क्या है एक छात्र नेता से भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की कहानी और कैसे 44 साल बाद गुलाम नबी आजाद की जगह लेने वाले बने उदय भानु चिब...
उदय भानु चिब को क्यों किया गया गिरफ्तार?
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट करने पर अब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर गाज गिर रही है. ये मामला शुक्रवार का है जब यूथ कांग्रेस के वर्कर्स के एक ग्रुप ने भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एग्जीबिशन हॉल में शर्टलेस प्रोटेस्ट किया था. इस मामले में सात यूथ कांग्रेस वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को उदय भानु को समन जारी कर पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया था, जहां तिलक मार्ग थाने में लगभग 15-20 घंटे की पूछताछ के बाद तड़के करीब 4:30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
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पुलिस का कहना है कि चिब ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया और जांच को गुमराह करने की कोशिश की. दिल्ली पुलिस की मानें तो AI समिट में विरोध-प्रदर्शन की प्लानिंग में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब का रोल है. पुलिस का कहना ये भी है कि इस तरह का प्रदर्शन एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में करना सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला है.
प्रोटेस्ट के कारण मचा हंगामा
बता दें कि यह समिट AI टेक्नोलॉजी से जुड़ा एक हाई-लेवल इवेंट था, जहां 20 फरवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता प्रदर्शन हॉल में घुसे. उन्होंने स्वेटर और जैकेट उतारकर टी-शर्ट्स दिखाईं, जिन पर सरकार विरोधी स्लोगन थे. ये सभी लोग सरकार और इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ नारे लिखी टी-शर्ट पकड़े घूम रहे थे और फिर शर्टलेस होकर नारे लगाने लगे.
इसके बाद वहां मौजूद सिक्योरिटी वालों ने उन्हें वहां से हटा दिया. पुलिस के मुताबिक समिट में एंट्री लेने के लिए कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर क्यूआर कोड से एंट्री ली थी. प्रोटेस्ट कुछ मिनटों का था, लेकिन समिट में हंगामा मच गया. कांग्रेस का कहना है कि यह युवाओं की आवाज थी, लेकिन बीजेपी ने इसे भारत को बदनाम करने की साजिश बताया.
कौन हैं उदय भानु चिब?
जिन उदय भानु की इतनी चर्चा हो रही है वो जम्मू क्षेत्र के पलौड़ा इलाके के रहने वाले हैं और उदय भानु चिब का परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है. पिता हरि सिंह चिब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं और लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और जमीनी स्तर की राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं. पिता की ही तरह उदय भानु का स्वभाव भी जमीन से जुड़ा और कार्यकर्ताओं के बीच रहने वाला माना जाता है. अब जब बेटे की गिरफ्तारी हुई है तो एक तरफ जहां पिता ने बेटे गर्व जताया है तो वहीं मां ने भी अपने बयान में कहा की जरूरत पड़ी तो बेटा भगत सिंह बनने के लिए भी तैयार है.
उदय की राजनीतिक जर्नी
उदय भानु चिब को एक आक्रामक लेकिन संगठनात्मक नेता के तौर पर देखा जाता है. वो युवाओं के मुद्दों को जोर-शोर से उठाने के लिए जाने जाते हैं. छात्र राजनीति से निकले उदय आंदोलन और विरोध की राजनीति अच्छे से समझते हैं. उदय के परिवार में राजनीतिक माहौल बचपन से ही था, जिसका असर उदय भानु पर भी पड़ा. राजनीतिक परिवार में पले-बढ़े उदय ने बचपन से ही चुनावी माहौल, कार्यकर्ताओं की बैठकें और पार्टी की रणनीति को करीब से देखा.
यही वजह रही कि उन्होंने छात्र राजनीति को अपने करियर की शुरुआत के लिए चुना. वो NSUI से जुड़े, यहीं से उनकी एक्टिव राजनीति की शुरुआत हुई. उदय भानु चिब पहले जम्मू-कश्मीर में NSUI के अध्यक्ष बने. छात्र राजनीति में उनकी सक्रियता और संगठन क्षमता को देखते हुए उन्हें NSUI का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया.
44 साल बाद युवा को मिली जिम्मेदारी
इसके बाद उनकी मेहनत और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें भारतीय युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया, यह फैसला कई मायनों में खास था. क्योंकि करीब 44 साल बाद जम्मू-कश्मीर के किसी युवा को यह जिम्मेदारी दी गई. इससे पहले 1980 में गुलाम नबी आजाद भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे. उदय भानु चिब को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली जब जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़े बदलाव हो रहे थे और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की जरूरत थी.
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के दौरान यह चर्चा थी कि उदय भानु चिब चुनाव लड़ना चाहते थे. कहा जाता है कि वे जम्मू नॉर्थ सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन ये सीट कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस को दे दी. इससे वो नाराज भी बताए गए, हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर यह संदेश दिया कि जिन नेताओं को टिकट नहीं मिल पाया, उन्हें पार्टी में नजरअंदाज बिल्कुल नहीं किया गया है.
अब उदय भानु की इस गिरफ्तारी के बाद उनके सामने कई चुनौतियां हैं. एक तरफ उन्हें कानूनी लड़ाई लड़नी होगी, दूसरी तरफ संगठन को संभालना भी है. युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी पूरे देश के युवाओं को जोड़ने की है. अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उदय भानु चिब इस चुनौती से कैसे निपटते हैं और अपनी राजनीतिक पारी को किस दिशा में ले जाते हैं. फिलहाल वे देश की युवा राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक बन चुके हैं.










