क्या दिल्ली-NCR तक पहुंचेगा Cyclone Arnab, ओडिशा समेत इन राज्यों में रेड अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में उठा खतरनाक चक्रवात 'अर्नब' 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, जिसके बाद इसके अवशेषों और पश्चिमी विक्षोभ के मिलने से उत्तर भारत और नेपाल में भारी बारिश व बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
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बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब एक बहुत ही भयानक रूप ले चुका है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह खतरनाक तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट (बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के पास) से टकराएगा. इसे लैंडफॉल कहा जाता है.
जब यह तट से टकराएगा उस समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा होगी जो झटकों के साथ 140 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. लेकिन इस तूफान की कहानी सिर्फ समंदर किनारे या आंध्र प्रदेश तक ही खत्म नहीं होने वाली है, इसका असर बहुत दूर तक दिखने वाला है.
आंध्र प्रदेश के बाद उत्तर भारत और नेपाल तक होगा असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल करने के बाद इस तूफान के बचे हुए अवशेष उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर दिशा की ओर बढ़ेंगे. ये आगे चलकर उत्तर प्रदेश और नेपाल तक पहुंच सकते हैं. सबसे बड़ा खतरा तब पैदा होगा जब उत्तर भारत में पाकिस्तान की तरफ से आने वाला पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और इस तूफान की नमी आपस में टकराएंगी.
इसके मिलने से न सिर्फ मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश होगी, बल्कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और भयंकर बारिश का खतरा मंडरा रहा है. नेपाल के कोशी, मधेश, बागमती, गंडकी और लुंबिनी प्रांतों में विशेष चेतावनी जारी की गई है, जहां भूस्खलन (Landslide) और अचानक बाढ़ (Flash Flood) आ सकती है.
कैसे बना 'अर्नब'?
अर्नब अक्टूबर 2026 में बंगाल की खाड़ी में बना यह उत्तरी हिंद महासागर का पहला चक्रवाती तूफान है:
23 अक्टूबर: पूर्वी-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना.
24 अक्टूबर: यह डिप्रेशन में बदल गया.
25 अक्टूबर: यह और गहरा होकर डीप डिप्रेशन बन गया.
26 अक्टूबर: आखिरकार इसने खतरनाक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का रूप ले लिया.
वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में बंगाल की खाड़ी के तूफान बहुत तेजी से ताकतवर हो रहे हैं (जैसे पहले बिपरजॉय और तौक्ते आए थे). सिर्फ 24 घंटे के अंदर हवा की रफ्तार 55 किमी/घंटा तक बढ़ जाना बेहद खतरनाक संकेत है, और 'अर्नब' के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम एक्टिव है, जिसने तमिलनाडु और केरल में पहले ही बारिश कर दी है. इन दोनों प्रणालियों के मिलने से यह तूफान और भी ज्यादा खतरनाक हो गया है.
जमीन पर क्या-क्या तैयारियां और खतरे हैं?
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:
आंध्र प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ ओडिशा के गंजम, गजपति और कोरापुट जैसे जिलों में भारी बारिश और 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. रेड अलर्ट वाले इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. दर्जनों ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. समंदर का जलस्तर 1 से 1.5 मीटर तक बढ़ने की आशंका है, जिससे पूर्वी गोदावरी और यानम के निचले हिस्से पानी में डूब सकते हैं.
वहीं तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ सकते हैं, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है और खेतों में खड़ी धान और बागवानी की फसलों को भारी चोट पहुंच सकती है. हजारों लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. मछुआरों को समंदर में जाने से सख्त मनाही है.
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत पर क्या होगा प्रभाव?
लैंडफॉल के दो-तीन दिन बाद इस तूफान का असर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली-NCR तक देखने को मिल सकता है. इन राज्यों में पहले से ही मानसूनी विदाई के बाद हल्की बारिश हो रही थी, ऐसे में इस तूफान की अतिरिक्त नमी नदियों का जलस्तर बढ़ा सकती है और बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकती है. नेपाल के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है.
जलवायु परिवर्तन का खतरनाक संकेत
अर्नब जैसे तूफान हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि हमारी धरती कितनी तेजी से बदल रही है. बढ़ते समंदर के तापमान और अल-नीनो के प्रभाव की वजह से आज के तूफान पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली और अप्रत्याशित हो गए हैं.
फिलहाल, सबसे जरूरी यह है कि आप मौसम विभाग की लगातार आ रही चेतावनियों पर नजर रखें, बिना वजह घरों से बाहर न निकलें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें. तटीय इलाकों में लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और उत्तरी भारत या नेपाल के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग नदियों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सतर्क रहें. सावधानी ही इस आपदा से बचने का सबसे बड़ा हथियार है!
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