Charchit Chehra: IIT कैंपस में साहिल वाकोडे के साथ क्या हुआ? रवींद्र वाकोडे ने क्यों कहा बेटा नकल नहीं कर सकता उसे तो...
आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्ध मौत ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अकादमिक दबाव, नकल के आरोपों और गहरे जातिगत भेदभाव के कड़वे सच को एक बार फिर सामने ला खड़ा किया है.
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Sahil Wakode
साल 2016... हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी का एक कमरा और रोहित वेमुला का वो आखिरी खत, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था . उस वक्त देश के सामने ये कड़वा सच सामने आया था कि देश के प्रीमियर संस्थानों के पीछे कितना गहरा जातिवाद चलता है . आज ठीक 10 साल बाद, 2026 में क्या बदला है? क्या IIT बॉम्बे का 20 साल का छात्र साहिल वाकोडे भी उसी की भेंट चढ़ गया? सवाल बड़ा है क्योंकि यहां लड़ाई सिर्फ एक परीक्षा में ChatGPT से नकल करने के आरोप की नहीं है, बल्कि उस गहरे सामाजिक अलगाव की है जो आज भी हाशिए से आने वाले होनहार बच्चों को निगल रहा है .
