Jio IPO ने शेयर बाजार में रचा इतिहास, 1.39 करोड़ लोगों ने लगाया पैसा, निवेशकों को 28 अक्टूबर का इंतजार क्यों?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. इसमें करीब 1.39 करोड़ आवेदन आए और कुल बोलियां ₹7.4 लाख करोड़ से ज्यादा रहीं. कंपनी का लक्ष्य ₹30,213 करोड़ जुटाना है. इस रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं में निवेश करने के लिए किया जाएगा. शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होगी.
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रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लोगों का जबरदस्त साथ मिला है. इस आईपीओ में करीब 1.39 करोड़ लोगों ने आवेदन किया. कंपनी ने जितने शेयर बेचने के लिए रखे थे, उनसे 22.19 गुना ज्यादा शेयर खरीदने की मांग आई. इसी वजह से इस आईपीओ को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हुआ. इसे खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर ही पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया था. यानी निवेशकों ने पहले ही दिन कंपनी की ओर से बिक्री के लिए रखे गए सभी शेयरों से ज्यादा शेयर खरीदने की मांग कर दी थी.
इस आईपीओ में आम लोगों के साथ बड़ी कंपनियों और संस्थानों ने भी पैसा लगाने में दिलचस्पी दिखाई. पब्लिक इश्यू और बड़े निवेशकों को मिलाकर कुल ₹7.4 लाख करोड़ से ज्यादा के शेयर खरीदने की बोलियां लगाई गईं. सिर्फ आम निवेशकों के लिए रखे गए शेयरों के लिए ही ₹4.9 लाख करोड़ से ज्यादा की मांग आई.
जियो के IPO में कितने लोगों ने पैसा लगाया?
जियो के आईपीओ में करीब 1.39 करोड़ आवेदन आए. यह भारतीय शेयर बाजार में एक नया रिकॉर्ड है. इससे पहले अक्टूबर 2024 में वारी एनर्जीज के आईपीओ में 97.34 लाख आवेदन आए थे. जियो ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. इसे आसान भाषा में समझें तो जियो के आईपीओ में आवेदन करने वालों की संख्या पहले के इस बड़े रिकॉर्ड से भी ज्यादा रही. रिटेल यानी आम निवेशकों ने भी इस आईपीओ में अच्छी दिलचस्पी दिखाई. उनकी ओर से ₹25,867 करोड़ से ज्यादा के शेयर खरीदने की मांग आई.
बड़े निवेशकों ने भी जमकर पैसा लगाया
जियो के आईपीओ में अलग-अलग तरह के निवेशकों के लिए शेयर रखे गए थे. इनमें आम लोग, कंपनी के कर्मचारी, रिलायंस के मौजूदा शेयरधारक और बड़े निवेशक शामिल थे. सबसे ज्यादा मांग बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से आई. इनके लिए रखे गए शेयरों के मुकाबले 70.55 गुना ज्यादा मांग आई. दूसरे बड़े निवेशकों की कैटेगरी में 14 गुना मांग रही. आम निवेशकों की कैटेगरी में 2.72 गुना मांग आई.
घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 152.5 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 123.9 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई. वहीं, म्यूचुअल फंडों ने 35.7 करोड़ शेयर खरीदने की मांग की. रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों के लिए रखे गए शेयरों की मांग 7.60 गुना रही. कंपनी के कर्मचारियों के लिए रखे गए शेयरों की मांग 2.93 गुना रही. इस तरह हर कैटेगरी में कंपनी ने जितने शेयर रखे थे, उससे ज्यादा शेयर खरीदने की मांग आई.
आईपीओ क्या होता है और जियो इससे पैसा कैसे जुटा रही है?
जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम लोगों को खरीदने के लिए पेश करती है, तो इसे IPO कहा जाता है. शेयर खरीदने वाला व्यक्ति कंपनी में एक छोटी हिस्सेदारी का मालिक बन जाता है. जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ में नए शेयर जारी कर रही है. कंपनी ने एक शेयर की कीमत ₹1,065 से ₹1,119 के बीच रखी थी. वह कुल 27 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है. सबसे ऊंची कीमत यानी ₹1,119 के हिसाब से कंपनी का लक्ष्य ₹30,213 करोड़ जुटाना था. इस आईपीओ की एक खास बात यह है कि कंपनी के पुराने शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं. कंपनी नए शेयर जारी कर रही है. इसलिए इस आईपीओ से मिलने वाला पैसा सीधे कंपनी को मिलेगा.
जियो इस पैसे का क्या करेगी?
जियो प्लेटफॉर्म्स इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपना कर्ज चुकाने और कारोबार बढ़ाने में करेगी. कंपनी की योजना है कि वह जुटाई गई रकम में से ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इंफोकॉम का कर्ज चुकाने में करे. रिलायंस जियो इंफोकॉम, जियो प्लेटफॉर्म्स की पूरी तरह से अपनी कंपनी है. बाकी पैसे का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी पर काम करने, डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने, नए काम में निवेश करने और रोजमर्रा के कारोबार की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा. रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.4 फीसदी हिस्सेदारी है.
जियो अब मोबाइल सेवाओं से आगे बढ़ना चाहती है
जियो प्लेटफॉर्म्स अब सिर्फ मोबाइल और टेलीकॉम सेवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहती. कंपनी टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और क्लाउड सेवाओं में भी अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही है. जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कहा है कि कंपनी इन नए क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है. कंपनी के पास 53.33 करोड़ ग्राहक हैं. जियो अपने इतने बड़े ग्राहक आधार के सहारे नई सेवाओं को आगे बढ़ाना चाहती है.
बड़े निवेशकों से पहले ही जुटाए ₹8,110 करोड़
आम लोगों के लिए आईपीओ खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने बड़े निवेशकों से करीब ₹8,110 करोड़ जुटाए थे. यह रकम 19 अक्टूबर को 212 बड़े निवेशकों से मिली. इन निवेशकों को एक शेयर ₹1,119 में दिया गया था. यह आईपीओ की तय कीमत की सबसे ऊंची सीमा थी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन बड़े निवेशकों ने ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा के शेयर खरीदने की मांग की थी. यह उन्हें दिए गए शेयरों की कुल रकम से 30 गुना से भी ज्यादा थी. इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े नाम शामिल थे.
जियो के शेयर कब से खरीदे-बेचे जा सकेंगे?
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट होने वाले हैं. शेयर लिस्ट होने का मतलब है कि इसके बाद निवेशक शेयर बाजार में इन शेयरों को खरीद और बेच सकेंगे.
वहीं, जियो के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP 23.24 फीसदी बताया गया है. GMP को आसान भाषा में समझें तो यह शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले शेयर की संभावित कीमत को लेकर लगाया जाने वाला एक अनौपचारिक अनुमान है. यह पक्का नहीं होता कि लिस्टिंग के दिन शेयर इसी बढ़ी हुई कीमत पर खुलेगा. असली कीमत शेयर बाजार में कारोबार शुरू होने पर पता चलेगी.
जियो के आईपीओ में रिकॉर्ड आवेदन आए हैं, लेकिन शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद इसकी कीमत किस स्तर पर रहेगी, यह देखना बाकी है.
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