खामेनेई की मौत के बाद कराची में कोहराम! प्रदर्शनकारी घुसे US कॉन्सुलेट में, अमेरिकी जवानों की गोली से 10 की मौत
US Embassy attack Pakistan: ईरान के नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में जबरदस्त हिंसा भड़क गई है।.प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद हुई फायरिंग में 10 लोगों की मौत हो गई और 30 घायल हैं. फिलहाल पूरे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है.

US Embassy attack Pakistan: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद भड़की विरोध की लहर अब पाकिस्तान तक पहुंच गई है. कराची में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) पर हमला बोल दिया. इस हिंसक झड़प में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
दूतावास में घुसने की कोशिश और भारी पथराव
जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कराची के एम.टी. खान रोड पर इकट्ठा हुए थे. ये लोग ईरान में खामेनेई और उनके परिवार को निशाना बनाए जाने के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे. देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और दूतावास परिसर के बाहर आगजनी शुरू कर दी. जब प्रदर्शनकारियों ने दीवारें फांदकर अंदर घुसने की कोशिश की और सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसाए, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई.
अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ईरान पर हमले का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के कराची में US कॉन्सुलेट के एंट्रेंस एरिया में धावा बोल दिया. दूतावास की सुरक्षा में तैनात (US मरीन सिक्योरिटी कंपोनेंट) अमेरिकी सैनिकों और स्थानीय पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया. लेकिन जब भीड़ पीछे नहीं हटी तो बचाव में सीधी फायरिंग की गई. सूत्रों के अनुसार, कराची में US कॉन्सुलेट में US मरीन सिक्योरिटी कंपोनेंट ने 10 पाकिस्तानियों को मार डाला और कई घायल है.
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स्थानीय मीडिया और राहत अधिकारियों के मुताबिक, इस गोलीबारी में 10 प्रदर्शनकारियों की जान चली गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग जख्मी हैं. घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है.
इलाके में तनाव और भारी सुरक्षा
इस घटना के बाद कराची का एम.टी. खान रोड और आसपास का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया है. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं. यह घटना दिखाती है कि ईरान में हुए घटनाक्रम के बाद मुस्लिम देशों में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ गुस्सा चरम पर है. प्रदर्शनकारी लगातार अमेरिका विरोधी नारे लगा रहे हैं और इस्लामिक नेताओं की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.










