कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की 4 वजहें आईं सामने, 19 लोगों की मौत के बाद जांच तेज
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत हुई. पुलिस जांच में संकरे गेट, भूलभुलैया जैसे डिजाइन, अंदर अंधेरे और पंडाल खाली कराने के ऐलान की भूमिका की जांच हो रही है. पुलिस CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान जुटा रही है. इलाके में 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू है.
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कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद आयोजकों की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. शुरुआती जांच में भीड़ को संभालने की व्यवस्था में कमी और पंडाल की बनावट से जुड़ी कई बातें सामने आई हैं.
पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान CCTV फुटेज जुटाए गए हैं. स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं. जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जो आयोजकों की ओर से इंतजाम में लापरवाही की तरफ इशारा करते हैं. पुलिस के अनुसार, पंडाल में सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी पर्याप्त नहीं थी. अब तक हादसे की चार संभावित वजहें सामने आई हैं.
संकरा गेट और रास्ता बना परेशानी की वजह
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, भगदड़ जैसे हालात बनने पर लोग बाहर निकलने के लिए एंट्री गेट की ओर बढ़े. लेकिन गेट छोटा था और वहां तक पहुंचने वाला रास्ता भी संकरा था. इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई. पुलिस ने बताया कि एंट्री, एग्जिट और भीड़ की आवाजाही को लेकर अनाउंसमेंट भी की गई थी. इससे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होने की बात सामने आई है.
भूलभुलैया जैसा था पंडाल का डिजाइन
पश्चिम बंगाल के अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने बताया कि पंडाल का ढांचा गिरने की अफवाह और बाहर हो रही बारिश के कारण लोग घबरा गए थे. इससे वहां भगदड़ जैसे हालात बन गए. मंत्री के मुताबिक, पंडाल की बनावट भी ऐसी थी, जो किसी भूलभुलैया जैसी लग रही थी. इससे लोगों की आवाजाही में परेशानी होने की आशंका है.
मंत्री ने बताया कि पंडाल के अंदर अंधेरा था और वहां लाइट शो भी चल रहा था. इस वजह से बड़ी संख्या में लोग एक ही जगह पर रुक गए थे. इससे भीड़ का दबाव बढ़ गया और भगदड़ मच गई.
पंडाल खाली कराने के ऐलान की भी जांच
पुलिस की जांच में एक और अहम बात सामने आई है. भगदड़ से पहले पंडाल खाली कराने का ऐलान किया गया था. पुलिस इस ऐलान से जुड़े वीडियो फुटेज की जांच कर रही है. वीडियो में लोगों से कहा जा रहा है कि पंडाल का ढांचा गिरने वाला है और वे तुरंत बाहर निकल जाएं. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह ऐलान किसने किया था. पुलिस अधिकारी के अनुसार, हादसे के पीड़ितों से भी पूछताछ की जाएगी. इसके अलावा चश्मदीदों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है.
पंडाल के आसपास धारा 163 लागू
इस बीच, कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने रविवार सुबह उत्तरी कोलकाता में चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी. धारा 163 के तहत पंडाल के आसपास की सड़कों पर लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है. यह आदेश 20 अक्टूबर तक लागू रहेगा. फिलहाल पुलिस हादसे की वजहों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच कर रही है.
