Maersk का बड़ा फैसला. 1 अगस्त से भारत-यूरोप शिपिंग होगी महंगी, निर्यातकों की बढ़ेगी टेंशन
Maersk 1 अगस्त से भारत-यूरोप शिपिंग पर ECS और भारी कंटेनर शुल्क बढ़ा रही है. इससे निर्यातकों की लागत बढ़ेगी और कई सेक्टरों पर सीधा दबाव आ सकता है.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
दक्षिण और पूर्वी बंदरगाहों से भेजे कंटेनरों पर शुल्क 1000 डॉलर बढ़ा
पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंदरगाहों के लिए भी प्रति कंटेनर लागत बढ़ेगी
22 टन से भारी कंटेनरों पर अलग से 2000 डॉलर लगेंगे
भारत-यूरोप व्यापार समझौता आगे चलकर कुछ लागत राहत दे सकता
टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स, लेदर और दवा कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता
भारत से यूरोप सामान भेजने वाली कंपनियों के लिए आने वाला महीना महंगा साबित हो सकता है. दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनियों में शामिल Maersk ने 1 अगस्त से भारत-यूरोप कंटेनर शिपमेंट पर दो बड़े अतिरिक्त शुल्क लागू करने का फैसला किया है. इन बदलावों के बाद भारतीय निर्यातकों की लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने की आशंका है. इसका असर खास तौर पर उन सेक्टर्स पर पड़ सकता है, जिनका बड़ा कारोबार यूरोप के बाजारों पर निर्भर है.
