महाकुंभ: कैसे बनते हैं नागा साधु, कैसे खत्म की जाती है काम वासना, दिगंबर मणिराज पुरी ने बता दी पूरी प्रक्रिया

Mahakumbh 2025: सवाल ये उठता है कि ये नागा साधु हैं कौन? कहां रहते हैं? ऐसे क्यों रहते हैं? भयंकर ठंड में भी ये निर्वस्त्र कैसे  रहते हैं? क्या है इन सबके पीछे का दर्शन? कैसे बनते हैं नागा साधु? क्या है प्रक्रिया? यूपी Tak से खास बातचीत में नागा साधु ने बताई पूरी प्रक्रिया. 

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तस्वीर: बंदीप सिंह, इंडिया टुडे.
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न्यूज़ हाइलाइट्स

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नागा साधु ही नहीं बल्कि नागा साध्वियां भी होती हैं.

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इनकी भी दीक्षा की प्रक्रिया बहुत कठिन होती है.

Prayagraj Maha Kumbh:प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं. 13 जनवरी को होने वाले पहले और बेहद पवित्र स्नान को लेकर सभी में उत्साह है. सबसे ज्यादा उत्साहित हैं नागा साधु. संगम में सबसे पहले पवित्र जल में यही नहाते हैं. इसे अमृत स्नान कहा जाता है. इस स्नान को शाही स्नान कहा जाता है. रथ पर, घोड़े पर बैठे नागा साधु, नंग-धड़ंग तलवार, त्रिशूल और झंडा लेकर संगम की तरफ दौड़ते नागा साधुओं का परम आनंद देखने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए लाखों की भीड़ होती है. इस नजारे को देश-दुनिया से आए लोग अपने कैमरों में कैद करते हैं. अब सवाल ये उठता है कि ये नागा साधु हैं कौन? कहां रहते हैं? ऐसे क्यों रहते हैं? भयंकर ठंड में भी ये निर्वस्त्र कैसे रहते हैं? क्या है इन सबके पीछे का दर्शन? क्या है मान्यताएं? कैसे बनते हैं नागा साधु? कौन इसके होता है योग्य? क्या है प्रक्रिया? इन सभी सवालों का जवाब अपनी कुटिया में धुनि रमाए नागा साधु दिगंबर मणिराज पुरी दे रहे हैं. यूपी Tak से खास बातचीत में नागा साधु ने बताई पूरी प्रक्रिया.