क्या 500 करोड़ में बिका मराठा आंदोलन? मनोज जरांगे और शिंदे के बीच छिड़ा बड़ा विवाद!

महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में उस समय भूचाल आ गया जब ₹500 करोड़ के कथित लेनदेन से जुड़ा एक ऑडियो वायरल हुआ. इस विवाद के केंद्र में मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत शिंदे हैं.

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मनोज जरांगे पाटिल
मनोज जरांगे पाटिल
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महाराष्ट्र की राजनीति में 500 करोड़ रुपये के कथित लेने-देन को लेकर वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि शिवसेना ने सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे  को 500 करोड़ रुपये दिए. इस ऑडियो के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए था लेकिन अब इसी मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS के नेता संदीप देशपांडे ने जांच प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिए हैं. 

उन्होंने इस पूरे मामले की जांच एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमेटी से कराने की मांग की है. पत्रकारों से बात करते हुए संदीप देशपांडे ने कहा, "सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी ऑडियो क्लिप के आधार पर सीधे फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं बनाई जा सकती. नियम के मुताबिक, सबसे पहले उस व्यक्ति को समन भेजा जाना चाहिए जिसने वह ऑडियो बनाया है और उसके बाद 'पंचनामा' तैयार किया जाना चाहिए." उन्होंने आगे कहा कि पुलिस या जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में कोई पंचनामा दर्ज नहीं किया है और न ही मनोज जरांगे से वह मूल ऑडियो क्लिप हासिल किया है. ऐसे में किस तरह की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जो अदालत में टिक भी नहीं पाएगी?

संदीप देशपांडे ने निष्पक्ष जांच पर संदेह जताते हुए इस पूरे मामले की जांच के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाने की मांग की है. उनका कहना है कि वायरल ऑडियो में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, वे सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हैं. ऐसे में सत्ताधारी पार्टी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना मुश्किल है. 

क्या है ये पूरा मामला

दरअसल कुछ समय पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल को एक खुली चुनौती दी थी. शिंदे ने कहा था कि जरांगे यह साबित करें कि उन्होंने बीजेपी से 500 करोड़ रुपये लिए थे और अपने बेटे व सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के जरिए वह पैसा आगे पहुंचाया था. इस चुनौती के जवाब में मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एक ऑडियो क्लिप पब्लिक कर दी.   जरांगे का दावा है कि इस ऑडियो क्लिप में एक गुप्त मीटिंग की बातचीत रिकॉर्ड है. इस क्लिप में कथित तौर पर यह चर्चा हो रही है कि कैसे शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए. ऑडियो में यह भी चर्चा है कि जरांगे के बढ़ते प्रभाव को कैसे रोका जाए, उन्हें राजनीतिक रूप से कैसे कमजोर किया जाए और मराठा आंदोलन को कैसे दबाया जाए. 

इस ऑडियो के बाहर आते ही महाराष्ट्र की सत्ताधारी 'महायुति' सरकार (शिवसेना, बीजेपी और एनसीपी गठबंधन) के भीतर ही अंदरूनी कलह और बयानबाजी तेज हो गई. विपक्षी दल (जैसे कांग्रेस) और मनसे (MNS) नेता संदीप देशपांडे ने सरकार पर हमला बोला है. संदीप देशपांडे का कहना है कि सरकार इस मामले में सिर्फ दिखावे की फॉरेंसिक जांच की बात कर रही है, जबकि कायदे से कोई पंचनामा तक नहीं किया गया.

वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के कुछ नेताओं ने इस पूरी साजिश के पीछे बीजेपी के कुछ लोगों का हाथ होने का अंदेशा जताया, जिस पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि गठबंधन में रहकर इस तरह के आरोप लगाना ठीक नहीं है

मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी 

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि इस वायरल ऑडियो क्लिप की उच्च स्तरीय और फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह ऑडियो क्लिप असली है या फर्जी, इसके पीछे किसका हाथ है और इसे इतने समय बाद अचानक सामने लाने का मकसद क्या था?

दरअसल जरांगे ने गुरुवार को जालना में एक ऑडियो क्लिप जारी की थी और आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई है. उन्होंने यह रिकॉर्डिंग तब सार्वजनिक की, जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे आरोप साबित करने को कहा था. शिंदे ने आरोपों पर कहा था कि BJP से मिले 500 करोड़ रुपए उन्होंने अपने बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक पहुंचाए.

वायरल ऑडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपए दिए गए. श्रीकांत शिंदे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं. रिकॉर्डिंग में कुछ लोग मराठवाड़ा क्षेत्र में जरांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का मुकाबला करने की रणनीति पर चर्चा करते सुनाई देते हैं. यह चर्चा 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले की बताई गई है. 

रिकॉर्डिंग में एक वक्ता जरांगे का सीधे विरोध करने के बजाय अप्रत्यक्ष तरीके से जवाब देने की बात करता है. वह कहता है कि BJP को मराठा विरोधी बताने वाला जरांगे का अभियान चुनावी चुनौती बन सकता है.

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