जिस होटल में ठहरे BJP नेता, वहीं क्यों रुके मुख्य चुनाव आयुक्त? CEC ज्ञानेश कुमार पर CM ममता बनर्जी ने उठाए गंभीर सवाल
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. ममता का आरोप है कि सीईसी भाजपा नेताओं वाले होटल में ठहरे और अधिकारियों को धमकाया.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के बंगाल दौरे को लेकर मोर्चा खोल दिया है. ममता बनर्जी ने चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सीईसी उसी होटल में ठहरे हैं, जहां भाजपा के बड़े नेता रुकते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो 'लोक भवन' को जल्द ही 'भाजपा भवन' बना दिया जाएगा.
अधिकारियों को धमकाने का आरोप
ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बैठक के दौरान राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कड़ा व्यवहार किया और उन्हें डराने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि साहस दिखाना अच्छी बात है, लेकिन अधिकारियों पर दबाव बनाना गलत है. ममता ने राज्यपाल के इस्तीफे के मामले पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण में 'दाल में कुछ काला है'.
अभिषेक बनर्जी की अमित शाह को चुनौती
दूसरी ओर, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने परिवारवाद के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधी चुनौती दी है. उन्होंने कहा, "मैंने राजनीति में कई बार अग्निपरीक्षा दी है और जनता के समर्थन से जीता हूं, लेकिन जय शाह ने कौन सी परीक्षा दी जो वे ICC के अध्यक्ष बन गए?"
यह भी पढ़ें...
अभिषेक ने मांग की कि केंद्र सरकार संसद में ऐसा कानून लाए जिससे एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति राजनीति में रह सके. उन्होंने एलान किया कि अगर ऐसा कानून आता है तो वह सबसे पहले राजनीति छोड़ने को तैयार हैं.
कोलकाता में विरोध प्रदर्शन
चुनाव आयोग की टीम के दौरे के दौरान कोलकाता में भारी विरोध देखा गया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को काले झंडे दिखाए और गो बैक के नारे लगाए. टीएमसी का कहना है कि यह चुनाव भाजपा को कड़ा सबक सिखाने का सही अवसर है.










