TATA Group : टाटा ग्रुप की कंपनियों के सामने मुश्किल फैसला, चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर AGM में क्या करेंगी?
टाटा संस की एजीएम में एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर वोटिंग से पहले समूह की कंपनियां दबाव में हैं. उनका हर फैसला बड़े संकेत की तरह देखा जा सकता है.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
करीब दस ऑपरेटिंग कंपनियों की टाटा संस में 12.86 फीसदी हिस्सेदारी है
बोर्ड ने 17 सितंबर को पांच साल के लिए प्रस्ताव पास किया
नोएल टाटा के विरोध से एजीएम की वोटिंग और संवेदनशील बनी
TATA Group : टाटा ग्रुप के भीतर एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद अब टाटा संस की आगामी एजीएम तक पहुंचता नजर आ रहा है. इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा मुश्किल स्थिति उन ऑपरेटिंग कंपनियों के सामने बन रही है, जिनकी टाटा संस में हिस्सेदारी है और जिन्हें एजीएम में वोटिंग करनी होगी. टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, इंडियन होटल्स कंपनी, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाटा पावर और टाटा केमिकल्स जैसी कंपनियां अब ऐसे मोड़ पर हैं, जहां उनका वोट केवल एक कॉरपोरेट फैसला नहीं माना जा सकता. इन कंपनियों के किसी भी रुख को टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच चल रहे मतभेद के संदर्भ में देखा जा सकता है.
