क्यों कभी कंफर्टेबल नहीं रहे राहुल गांधी और अजित पवार? 'दादा' के निधन पर दिखाया बड़ा दिल
अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद राहुल गांधी ने परिवार से बात कर शोक जताया. दोनों नेता कई बार एक ही गठबंधन में रहे, लेकिन निजी तौर पर करीब नहीं आए. राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राहुल का यह कदम इंसानियत की मिसाल माना जा रहा है.
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राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन मानवीय संवेदनाएं अपनी जगह. जब प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन हुआ तो सबसे पहले शोक व्यक्त करने वालों में राहुल गांधी शामिल हुए. राहुल गांधी ने अजित पवार के जाने को अपूरणीय क्षति बताया.