CJP का कभी समर्थन नहीं करूंगा, अन्नामलाई ने साफ किया स्टैंड, मोदी सरकार पर भी उठाए सवाल
के. अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि CJP के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करना संगठन का समर्थन करना नहीं है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की, लेकिन सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने का अधिकार भी जताया. उनके बयान की तमिलनाडु बीजेपी प्रवक्ता नारायणन थिरुपति ने आलोचना की.
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तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर अपना रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करने का मतलब संगठन का समर्थन करना नहीं है. CJP का एजेंडा अलग है और उनका एजेंडा अलग है. हालांकि, उन्होंने लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को विरोध करने का अधिकार देने की बात कही.
अन्नामलाई ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार के हर फैसले को सही मान लें. जिस बात को वह गलत समझेंगे, उस पर सवाल उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने देशभक्ति के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि उन्हें इस बारे में किसी से उपदेश लेने की जरूरत नहीं है.
CJP के खिलाफ कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए
गुरुवार को अपने 'वी द लीडर्स' आंदोलन के एक कार्यक्रम में अन्नामलाई ने कहा कि वह देश के कई राज्यों में रह चुके हैं और काम कर चुके हैं. उन्हें भारत की एकता और संप्रभुता की समझ है.
उन्होंने कहा कि अगर CJP के प्रदर्शनकारियों ने कोई गलत काम किया है, तो उनके खिलाफ कानून और तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. अगर देश की संप्रभुता को खतरा है, तो खुफिया एजेंसियों की मदद लेकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए. सोशल मीडिया पर केवल आरोप लगाकर डर का माहौल बनाना सही नहीं है.
मोदी की तारीफ, लेकिन सरकार से सवाल भी
अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्छा प्रधानमंत्री बताया. उन्होंने कहा कि मोदी अच्छा काम कर रहे हैं. हालांकि, प्रधानमंत्री का समर्थन करने का मतलब सरकार के हर फैसले से सहमत होना नहीं है. उनके मुताबिक, अगर उन्हें कोई बात गलत लगती है, तो वह उस पर सवाल जरूर उठाएंगे.
उन्होंने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर करने की कोशिशों को भी गलत बताया. उनके बयान में विरोध के अधिकार के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास बनाए रखने की बात भी शामिल रही.
CJP नेताओं की हिरासत पर पहले भी उठाए थे सवाल
अन्नामलाई इससे पहले भी CJP की रणनीति की आलोचना कर चुके हैं. उन्होंने इसे गलत दिशा में उठाया गया कदम बताया था. हालांकि, उन्होंने संगठन के विरोध करने के अधिकार का बचाव किया था. उन्होंने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठाए थे. अन्नामलाई ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की थी.
इस दौरान उन्होंने साल 2011 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की एक टिप्पणी का जिक्र किया. अन्नामलाई के मुताबिक, उस समय मोदी ने रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली जाकर विरोध करने की बात कही थी. अन्नामलाई ने सवाल उठाया कि अगर उस समय विरोध को सही माना गया था, तो अब मौजूदा सरकार की आलोचना करने वालों की गिरफ्तारी और हिरासत पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाने चाहिए.
बीजेपी को CJP को मुफ्त प्रचार देने की चिंता
अन्नामलाई ने यह सवाल भी उठाया कि क्या बीजेपी अनजाने में CJP को मुफ्त प्रचार दे रही है. उन्होंने दिल्ली में दशहरे के दौरान एक रामलीला में कॉकरोच का पुतला जलाए जाने का जिक्र किया. इस कार्यक्रम का आयोजन बीजेपी विधायक अशोक गोयल के नेतृत्व में हुआ था. अन्नामलाई के मुताबिक, बीजेपी को सत्ता में 12 साल पूरे होने के बाद भी अपने विरोधियों के प्रति ऐसा रवैया नहीं अपनाना चाहिए, जिससे उन्हें और पहचान मिल सके.
तमिलनाडु बीजेपी प्रवक्ता ने की आलोचना
अन्नामलाई के बयानों पर तमिलनाडु बीजेपी के प्रवक्ता नारायणन थिरुपति ने आलोचना की. उन्होंने कहा कि अन्नामलाई की बातें शांतिपूर्ण विरोध और जानबूझकर कानून तोड़ने के बीच के अंतर को धुंधला करती हैं. थिरुपति ने यह भी कहा कि अन्नामलाई जून 2026 में बीजेपी छोड़ चुके हैं और उन्हें आलोचना करने की आजादी है. इस तरह CJP के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर अन्नामलाई की टिप्पणी पर बीजेपी के भीतर भी असहमति सामने आई.
