1931 में आखिरी बार हुई थी जाति वाली जनगणना तब इस कास्ट के लोग थे सबसे ज्यादा
आखिरी बार आजादी से पहले वर्ष 1931 में जातिगत जनगणना कराई गई थी. तब 4,147 जातियों की पहचान की गई थी. इसके बाद वर्ष 2011 में एक बार फिर सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना (SECC) कराई गई, लेकिन आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए.
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तस्वीर: न्यूज तक.
मोदी कैबिनेट ने जातिगत जनगणना पर स्वीकृति की मुहर लगा दी है. जाति जनगणना मूल जनगणना में ही शामिल होगी. इससे पहले आजादी से पहले वर्ष 1931 में जातिगत जनगणना हुई थी. ध्यान देने वाली बात है कि विपक्षी दलों की ओर से जातिगत जनगणना की जोरदार मांग की जा रही थी.