CM नीतीश कुमार ने 65 फीसदी आरक्षण पर केंद्र से की बड़ी डिमांड, पूरी नहीं होने पर बदल लेंगे पाला? समझिए
Reservation in Bihar: जातिगत सर्वे में आए आंकड़ों को आधार बनाते हुए सरकार ने शिक्षण संस्थानों और सरकारी नौकरियों में SC, ST, EBC और OBC के आरक्षण के दायरे को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी करने का कानून बनाया था.
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Reservation in Bihar: वर्तमान में संसद का मानसून सत्र चल रहा है. इसी में शामिल होने के लिए आज सुबह राष्ट्रीय जनता दल(RJD) के सांसद संसद पहुंचे. जहां मीसा भारती, मनोज कुमार झा सहित कई सांसद गेट पर तख्तियां लिए प्रदर्शन कर रहे थे. उनकी डिमांड ये थी कि, बिहार में जब RJD और JDU के गठबंधन वाली सरकार थी तब जातीय जनगणना कराई गई. फिर उसी के आधार पर आनुपातिक रूप से दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़ों का आरक्षण बढ़ाया गया था जिसे पटना हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया. सांसदों ने आरक्षण बढ़ाने के कानून को फिर से लागू करने और उसकी सुरक्षा के लिए सरकार से उसे 9वीं अनुसूची में शामिल करने की बात कर रहे है ताकि उनका अधिकार उन्हें मिल सके. इन सब के बीच पिछले दिनों प्रदेश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कुछ ऐसी ही बात कही थी. आइए आपको बताते हैं क्या है ये पूरा मामला?